सऊदी द्वीप पर हूती कब्जे में इराकी कमांडर बर्खास्त
सऊदी अरब के रणनीतिक द्वीप मायून पर हूती विद्रोहियों के कब्जे के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। इराक ने ड्रोन हमलों की जांच शुरू की है और मयसान प्रांत के सैन्य कमांडर को बर्खास्त किया है। सऊदी अरब ने अभी प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन अपनी संप्रभुता की रक्षा करने का अधिकार बरकरार रखा है।

रियाद/ बगदाद/ काहिरा, एजेंसी। लाल सागर के दक्षिणी प्रवेश द्वार पर स्थित सऊदी अरब के रणनीतिक द्वीप पर हूती विद्रोहियों के कब्जे के बाद पश्चिम एशिया में जंग का एक नया मोर्चा खुल गया है। हालांकि, इराक ने इस पूरी घटना की जांच की बात कही है। इराकी जमीन से किए गए ड्रोन हमलों के आरोप के बाद प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने मयसान प्रांत के सैन्य कमांडर को बर्खास्त कर दिया है। इराक से कार्रवाई के आश्वासन के बाद सऊदी अरब ने भी फिलहाल जवाबी हमले टालने की बात कही है। सऊदी अरब की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने उनके अहम रणनीतिक द्वीप मायून पर कब्जा किया है। सऊदी अरब ने कहा कि इराक के मयसान प्रांत इलाके से बड़ी संख्या में ड्रोन हमले किए गए। इसके बाद एहतियाती कदम उठाते हुए ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। उधर, इराकी प्रधानमंत्री और सेना के कमांडर-इन-चीफ अली अल जैदी ने मयसान प्रांत के ऑपरेशन कमांड की जांच के आदेश देने के साथ उसके कमांडर को बर्खास्त कर दिया है। सरकारी प्रवक्ता सबाह अल नुमान ने शनिवार को बताया कि शुरुआती जांच में स्पष्ट हुआ कि सऊदी अरब पर ड्रोन हमले मयसान के एक स्थान से किए गए थे। उन्होंने कहा कि इराक अपनी धरती से मित्र राष्ट्रों पर किसी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा。
इराक के इस कदम के बाद सऊदी अरब के ऐतराज
इराक के इस कदम के बाद सऊदी अरब ने भी जवाबी हमलों की कार्रवाई फिलहाल टाल दी है। विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, हमले में रियाद और मदीना में तेल पाइपलाइन के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया, जिसकी मरम्मत और बहाली का काम जारी है। बयान के अनुसार, ‘किंगडम ने इराक के प्रधानमंत्री के अनुरोध के बाद अभी कोई प्रतिक्रिया न देने और इराकी सरकार के प्रयासों का समर्थन करने का निर्णय लिया है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि सऊदी अपनी राष्ट्रीय संपत्ति और सीमा सुरक्षा की रक्षा करने के अपने अधिकार से समझौता कर रहा है। हम अपनी संप्रभुता, सुविधाओं और नागरिकों-निवासियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने का अधिकार रखते हैं।’
हमले के जिम्मेदारों की तलाश में अभियान
इराकी प्रधानमंत्री कार्यालय के शनिवार के एक बयान के अनुसार, बर्खास्त इराकी सैन्य कमांडर ने मयसान प्रांत से किए गए हमलों का नेतृत्व किया था। दक्षिण-पूर्वी इराक में ईरान की सीमा से लगे इस प्रांत को लंबे समय से एक ऐसे क्षेत्र के रूप में देखा जाता रहा है, जहां ईरान समर्थित सशस्त्र संगठन सक्रिय हैं। इराकी सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि पाइपलाइन पर हमले के जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है।


