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पुतिन 24 साल बाद जा रहे उत्तरी कोरिया, यूक्रेन से युद्ध के बीच ऐसा क्या हुआ जो तानाशाह किम ने भेजा बुलावा

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 24 साल बाद उत्तरी कोरिया का दौरा कर रहे हैं। यूक्रेन से यु्द्ध के बीच ऐसा क्या हुआ जो तानाशाह किम जोंग उन ने पुतिन को बुलावा भेजा है।

पुतिन 24 साल बाद जा रहे उत्तरी कोरिया, यूक्रेन से युद्ध के बीच ऐसा क्या हुआ जो तानाशाह किम ने भेजा बुलावा
Gaurav Kalaएजेंसियां,मॉस्कोTue, 18 Jun 2024 02:06 PM
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यूक्रेन युद्ध के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 18 जून को उत्तर कोरिया का दौरा कर रहे हैं। यह पुतिन की 24 वर्षों में पहली उत्तरी कोरिया यात्रा है। ऐसी क्या वजह है कि तानाशाह किम जोंग उन ने पुतिन को बुलावा भेजा है। पुतिन के दौरे पर दुनियाभर की नजरें इसलिए भी हैं क्योंकि हाल ही में रूसी सेना ने यूक्रेन के शहरों पर बढ़त हासिल की है। हथियारों की कमी झेल रहे यूक्रेन को मदद करने अमेरिका ने फिर हाथ बढ़ाए हैं और पुतिन इसी से भड़के हुए हैं। दूसरी तरफ किम जोंग उन भी अमेरिका पर दक्षिण कोरिया में सैन्य अभियान करने और उसे बढ़ावा देने के आरोप लगाते रहे हैं।

व्लादिमीर पुतिन उत्तरी कोरिया का दौरा दूसरी बार कर रहे हैं। पहली बार साल 2000 में पुतिन ने जब पहली बार रूस की गद्दी संभाली थी तो तब वे उत्तरी कोरिया पहुंचे थे, तब किम जोंग उन के पिता किम जोंग इल उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता थे। अब 24 साल बाद पुतिन  किम जोंग उन से मिलने उत्तरी कोरिया जा रहे हैं। पुतिन से पहले किम जोंग उन ने पिछले साल सितंबर महीने में रूस का दौरा किया था। किम जोंग उन तब हरे रंग की एक ट्रेन पर सवार होकर रूस पहुंचे थे। 

पुतिन उत्तरी कोरिया क्यों जा रहे हैं?
उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग रवाना होने से पहले पुतिन ने यूक्रेन पर उनकी कार्रवाई का समर्थन करने के लिए किम जोंग उन को धन्यवाद किया और कहा कि दोनों देश अमेरिका के नेतृत्व वाले प्रतिबंधों से निपटने के लिए मिलकर काम करेंगे। पुतिन दो दिवसीय यात्रा के लिए उत्तर कोरिया पहुंच रहे हैं और उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया में उनकी यह टिप्पणी प्रकाशित की गई है। उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देश अमेरिका के साथ तनातनी का सामाना कर रहे हैं और पूरी दुनिया से अलग-थलग पड़ गये है।

अमेरिका के खिलाफ एकजुट होने की तैयारी
पुतिन ने यह भी कहा कि रूस और उत्तर कोरिया ऐसे व्यापार की संभावनाए तलाशेंगे और भुगतान प्रणालियां विकसित करेंगे जो कि पश्चिमी देशों के नियंत्रण में नहीं होगी और वे संयुक्त रूप से देशों के खिलाफ प्रतिबंधों का विरोध करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने इन प्रतिबंधों को ‘‘एकतरफा और अवैध’’ करार दिया।

पुतिन के दौरे पर रूस का क्या कहना है?
पुतिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव का कहना है कि इस यात्रा के दौरान दोनों देश साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं जिसमें सुरक्षा मुद्दे भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि यह समझौता किसी अन्य देश के विरुद्ध नहीं होगा, बल्कि इसमें "आगे सहयोग की संभावनाओं को देखा जाएगा। हाल के वर्षों में हमारे देशों के बीच जो कुछ हुआ है, उसे ध्यान में रखते हुए इस पर चर्चा की जाएगी। रूसी रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव, विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और उप प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक इस यात्रा में पुतिन के साथ शामिल होंगे। किम और पुतिन के बीच प्रमुख बैठकें बुधवार को होने वाली हैं। प्योंगयांग की यात्रा के बाद पुतिन वियतनाम की यात्रा करेंगे।