यूक्रेन के 15 फीसदी हिस्से पर कब्जे की तैयारी, संसद में पुतिन कर सकते हैं बड़ा ऐलान

Sep 28, 2022 11:10 am ISTAnkit Ojha एजेंसियां, मॉस्को
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इसी वीकेंड व्वादिमीर पुतिन संसद में बड़ा ऐलान कर सकते हैं। यूक्रेन के चार इलाकों में कराया गया जनमत संग्रह पूरा हो गया है। ये चार इलाके यूक्रेन का 15 फीसदी हिस्सा हैं।

यूक्रेन के 15 फीसदी हिस्से पर कब्जे की तैयारी, संसद में पुतिन कर सकते हैं बड़ा ऐलान

रूस ने यूक्रेन के जिन इलाकों में कब्जा कर रखा है वहां जनमत संग्रह करवाया है। चार दिन चला यह जनमत संग्रह मंगलवार को पूरा हो गया है। दरअसल इस रेफरेंडम के जरिए रूस इन इलाकों को अपने देश में मिलाने की भूमिका बना रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक जिन इलाकों में जनमत संग्रह करवाया गया है वह यूक्रेन का 15 फीसदी हिस्सा है। यूक्रेन  के लुहांस्क,जापोरिज्जिया, खेरसन और दोनेत्स्क में कराया गया। मतदान के लिए रूसी सैनिकों ने लोगों पर दबाव बनाया और घर-घर हथियार लेकर पहुंचे। मतदान केंद्रों पर भी रूसी सैनिक तैनात थे। 

संसद में पुतिन कर सकते हैं बड़ी घोषणा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुतुबिक ब्लादिमीर पुतिन इसी हफ्ते संसद के संयुक्त सत्र में जनमंत संग्रह के परिणाम की घोषणा कर सकते हैं। वह यूक्रेन के 15 फीसदी हिस्से को रूस में विलय करने का ऐलान भी कर सकते हैं। हालांकि पुतिन अगर ऐसा कदम उठाते हैं तो दोनों देशों के बीच युद्ध और भी खतरनाक हो जाएगा।  वहीं रूसी मीडिया भी अटकलें लगा रही है कि पुतिन मार्शल कानून लागू करके कुछ हद तक सेना की तैनाती करेंगे और सीमाओं को उन सभी लोगों के लिए बंद कर दिया जाएगा जिनकी आयु युद्ध में भाग लेने योग्य है।

लुहांस्क प्रशासन का कहना है कि 98.5 फीसदी लोगों ने रूस में शामिल होने के  पक्ष में वोट किया। यह बात 69 प्रतिशत बैलट काउंटिंग के आधार पर कही गई है। वहीं जपोरिजिज्या में तैनात किए गए रूस के एक अधिकारी ने कहा कि 93 फीसदी वोटों की गिनती पूरी हो चुकी है। वोटिंग कमिटी के मुताबिक खेरसन में 87 फीसदी लोगों ने क्रेमलिन के पक्ष में मतदान किया है। जाहिर सी बात है कि रूस अपने पक्ष में रिजल्ट सुनाएगा। 

अंतराराष्ट्रीय स्तर पर इस जनमत संग्रह की निंदा की जा रही है और कहा जा रहा है कि इस रेफरेंडम को माना नहीं जाएगा। कहा जा रहा है कि रूस सैनिकों ने लोगों के दरवाजे जबरदस्ती खुलवाए और फिर बंदूक की नोक पर रूस से पक्ष में मतदान करने का दबाव बनाया गया। मेलितोपोल के मेयर दमित्रो ओरलोव ने कहा कि इस जनमत संग्रह के परिणाम फालतू के हैं। इसका उद्देश्य केवल आंशिक रूप से कब्जा किए क्षेत्र पर दावा ठोकना है क्योंकि आमने-सामने युद्ध करके रूस ऐसा नहीं कर पा रहा है। 

राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है कि वह किसी भी कीमत पर इन इलाकों की रक्षा करेंगे। रूस के सिक्यॉरिटी काउंसिल के चेयरमैन दमित्री मेदवेदेव ने भी कहा था कि मॉस्को के पास परमाणु हमला करने का भी अधिकार है और यह कोई मजाक नहीं है। वहीं यूक्रेन का कहना है कि रूस ऐसा करके यूक्रेन के ही लोगों को हथियार उठाने पर मजबूर कर देगा। इसके बाद अपने ही देश के लोगों के खिलाफ जंग लड़नी पड़ेगी। 

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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