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हिंदी न्यूज़ विदेशRussia Ukraine War: किसी भी कीमत पर युद्ध जीतने को बेताब पुतिन, 'कसाई' को दे दी यूक्रेन वॉर की जिम्मेदारी

Russia Ukraine War: किसी भी कीमत पर युद्ध जीतने को बेताब पुतिन, 'कसाई' को दे दी यूक्रेन वॉर की जिम्मेदारी

General Sergei Surovikin मॉस्को में संघर्ष के दौरान तीन लोग मारे गए थे। प्रदर्शनकारियों ने वाहनों का रास्ता रोक दिया था, लेकिन प्रभारी जनरल सुरोविकिन ने वाहनों को आगे बढ़ाने का निर्देश दे दिया।

Russia Ukraine War: किसी भी कीमत पर युद्ध जीतने को बेताब पुतिन, 'कसाई' को दे दी यूक्रेन वॉर की जिम्मेदारी
Madan Tiwariलाइव हिन्दुस्तान,मॉस्कोFri, 14 Oct 2022 04:40 PM

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General Sergei Surovikin known as Butcher of Syria: जैसे-जैसे समय बीत रहा है फरवरी से चल रहा रूस और यूक्रेन युद्ध और भयावह होता जा रहा है। पिछले सात महीने से अधिक समय में रूस ने यूक्रेन पर मिसाइलों से ऐसे हमले किए हैं, जिससे उबरने के लिए यूक्रेन को कई साल लग जाएंगे। पिछले दिनों क्रीमिया को जोड़ने वाले पुल पर जब हमला किया गया तो रूस ने बमबारी और तेज कर दी। हालांकि, यह भी किसी से छिपा हुआ नहीं है कि यूक्रेन ने रूस को तगड़ी फाइट दी है और जो युद्ध दो-चार दिनों का लग रहा था, वह पिछले कई महीनों से जारी है और रूसी राष्ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन को सफलता नहीं मिल सकी है। अब पुतिन ने युद्ध की जिम्मेदारी 55 वर्षीय और क्रूरता व निर्ममता के लिए पहचाने जाने वाले जनरल सर्गेई सुरोविकिन को दी है। सुरोविकिन को सीरिया में युद्ध के लिए कसाई भी कहा जाता है।

प्रदर्शनकारियों पर चढ़वा दिए थे सैन्य वाहन
साल 1966 में नोवोसिबिर्स्क में जन्मे 55 वर्षीय सुरोविकिन रूस के हालिया युद्धों के अनुभवी जनरल हैं। जनरल सुरोविकिन ने 1980 के दशक के अंत में अफगानिस्तान में अपने सक्रिय सैन्य करियर की शुरुआत की। उस समय परिस्थितियां काफी प्रतिकूल थीं। वहीं, 1991 में जब वह घर वापस आए तो मॉस्को में सैन्य वाहनों और लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों के बीच संघर्ष के दौरान तीन लोग मारे गए थे। बीबीसी की रूसी सेवा के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने वाहनों का रास्ता रोक दिया था, लेकिन प्रभारी जनरल सुरोविकिन ने वाहनों को आगे चलाने का निर्देश दिया। इससे प्रदर्शनकारी रौंद दिए गए थे। हालांकि, बाद में जनरल को छह महीने के लिए जेल में भी डाला गया, लेकिन फिर सभी आरोपों को हटा लिया गया और वजह दी गई कि वह ऑर्डर्स को मान रहे थे।

चेचन्या में भी दे चुके हैं सेवाएं
वहीं, सुरोविकिन ने इस सदी के शुरुआती सालों में चेचन्या में सेवाएं दी थीं और उस रूसी सेना के लीडर थे, जिसने साल 2015 में राष्ट्रपति बशर अल-असद की ओर से सीरिया में हस्तक्षेप किया था। 'द गार्जियन' के अनुसार, जनरल ने 2017 में मॉस्को में सैन्य सहयोगियों से कहा था कि सीरिया में युद्ध मिशन करते समय, एक पल के लिए भी नहीं भूले कि हम रूस की रक्षा कर रहे थे। उधर, एक्सपर्ट्स मानते हैं कि 'जनरल आर्मगेडन' जैसे उपनाम हासिल करने वाले एक व्यक्ति को नियुक्त करके पुतिन ने संकेत दे दिए हैं वे युद्ध को तेज करके रूस की युद्धक्षेत्र में मिली कथित विफलताओं पर तगड़ी प्रतिक्रिया देंगे। मॉस्को डिफेंस थिंक टैंक सेंटर फॉर एनालिसिस ऑफ स्ट्रैटेजीज एंड टेक्नोलॉजीज के निदेशक रुस्लान पुखोव कहते हैं कि वे (सुरोविकिन) रोविकिन मार्शल ज़ुकोव की तरह है, जोकि दूसरे विश्व युद्ध में सोवियत संघ के कमांडर थे। 

सुरोविकिन को पता है, कैसे जीतना है युद्ध
सुरोविकिन को एक ऐसा सख्त आदमी कहा जाता है, जिसे पता है कि युद्ध को कैसे चलाना है और उसपर कैसे जीत हासिल करनी है। वह ऐसे जनरल हैं, जो सच बताने से नहीं डरते। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन के अधिकारियों ने सुरोविकिन की नियुक्ति को लेकर कहा है कि वे हालिया हुए हवाई हमलों के पीछे चल रहे अभियान का हिस्सा थे। यूके में यूक्रेन के राजदूत वादिम प्रिस्टाइको ने कहा, ''हर बार वह (रूस) और भी खतरनाक लोगों को लेकर आते हैं। इस आदमी को सीरिया के कसाई के रूप में जाना जाता है। रूस हमें डराने के लिए और भी अधिक बुरे आदमी को लेकर आया है, लेकिन हम डरेंगे नहीं। पुतिन वास्तव में निराश हैं।''