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जेलेंस्की सरकार को उखाड़ना हमारा मकसद नहीं... युद्ध के 14वें दिन पुतिन ने ऐसा क्यों कहा

रूस और यूक्रेन के बीज जंग जारी है। हालांकि दोनों देशों के बीच तीन दौरे की बातचीत भी हुई, लेकिन युद्ध विराम पर सहमति नहीं बन पाई है। इसी बीच, यूक्रेन संकट को लेकर 14वें दिन पुतिन नरमी से पेश आए। रूस...

जेलेंस्की सरकार को उखाड़ना हमारा मकसद नहीं... युद्ध के 14वें दिन पुतिन ने ऐसा क्यों कहा
Dheeraj Palहिंदुस्तान टाइम्स,मॉस्कोWed, 09 Mar 2022 05:15 PM

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रूस और यूक्रेन के बीज जंग जारी है। हालांकि दोनों देशों के बीच तीन दौरे की बातचीत भी हुई, लेकिन युद्ध विराम पर सहमति नहीं बन पाई है। इसी बीच, यूक्रेन संकट को लेकर 14वें दिन पुतिन नरमी से पेश आए। रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने बुधवार को कहा कि मॉस्को का जेलेंस्की सरकार को उखाड़ फेंकने का कोई योजना नहीं है। 

बता दें की हाल ही में रूस ने ये भी जानकारी दी थी कि अब बातचीत यूक्रेन संग आगे बढ़ चुकी है और कुछ मुद्दों पर प्रगति भी हुई है। हालांकि दोनों देशों के बीच किस बात को लेकर सहमति बनी है, ज्यादा स्पष्ट नहीं हो पाया है।

जैविक हथियार को लेकर रूस ने मांगा हिसाब

वहीं, दूसरी ओर रूस ने अमेरिका से जैविक हथियार को लेकर हिसाब मांगा है। मारिया ज़खारोवा ने दावा किया कि मॉस्को के पास दस्तावेजी सबूत हैं कि संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा यूक्रेन में जैव हथियार बनाए जा रहे हैं। अमेरिका की विदेश मामलों की अंडर सेक्रेटरी विक्‍टोरिया नूलैंड के बयान का जिक्र करते हुए ज़खारोवा ने कहा कि नूलैंड ने  बॉयोलॉजिकल शोध के लिए प्रयोगशालाओं के अस्तित्व की पुष्टि की है। 
दरअसल, नूलैंड ने खुलासा किया है कि वॉशिंगटन यूक्रेन के साथ मिलकर बॉयोलॉजिकल शोध केंद्रों को रूस के हाथों में पड़ने से रोकने के लिए काम कर रहा है।

ज़खारोवा ने कहा कि  हम इसे लेकर ब्यौरा मांग रहे हैं और दुनिया इंतजार कर रही है। हालांकि पेंटागन और यूक्रेन दोनों पहले ही जैव-हथियारों के आरोपों से इनकार कर चुके हैं।

क्रेन ने कई देशों से मदद मांगी लेकिन रूस की धमकियों के आगे बड़े-बड़े देशों की आवाज धीमी पड़ गई। इस युद्ध की एक बड़ी वजह यूक्रेन का NATO में शामिल होने की योजना भी थी। हालांकि अब राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने स्पष्ट कह दिया है यूक्रेन अब NATO की सदस्यता की मांग नहीं करेगा।

जेलेंस्की की बातों से ऐसा लग रहा था कि जैसे वह हार मान चुके हैं। उन्होंने कहा कि जिन दो प्रांतों को लेकर युद्ध से पहले रूस ने ऐलान किया था उन दोनों के बारे में भी वह समझौता करने को तैयार हैं। बता दें कि 24 फरवरी को रूस ने यूक्रेन के दो अलगाववादी प्रांतों लुहांस्क और डोनेत्स्क को स्वतंत्र घोषित कर दिया था। 

अमेरिका का प्लान

जंग के बीच अमेरिका ने रूस पर कई प्रतिबंध तो लगाए ही हैं और अब NATO देशों को यूक्रेन को फाइटेर जेट देने की भी मंजूरी दे दी है। हालांकि अभी किसी देश ने यूक्रेन को लड़ाकू विमान देने का कोई मजबूत प्लान नहीं बताया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका और यूरोपीय देशों से कीव की मदद करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि यूक्रेन की सेना को फाइटर जेट देकर सहायता करें। रिपोर्ट्स के मुताबिक पोलैंड मिग- 29s भेजना चाहता था। बाद में इससे इनकार कर दिया गया। पोलैंड के अलावा अन्य नाटो देश भी इस मामले में मदद का हाथ बढ़ाने को तैयार नहीं हैं।

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