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हिंदी न्यूज़ विदेशरूस में जासूसी के आरोप में जापानी राजनयिक गिरफ्तार, आंखों पर पट्टी बांधकर हुई पूछताछ; भड़का जापान

रूस में जासूसी के आरोप में जापानी राजनयिक गिरफ्तार, आंखों पर पट्टी बांधकर हुई पूछताछ; भड़का जापान

जापान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि एक अधिकारी को 22 सितंबर को हिरासत में लिया गया और उसकी आंखों पर पट्टी बांधकर पूछताछ की गई थी। उनके साथ बदसलूकी की गई और हम इस पर माफी की मांग करते हैं।

रूस में जासूसी के आरोप में जापानी राजनयिक गिरफ्तार, आंखों पर पट्टी बांधकर हुई पूछताछ; भड़का जापान
Niteesh Kumarपीटीआई,टोक्योTue, 27 Sep 2022 01:24 PM

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रूस ने एक जापानी राजनयिक को संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश के आरोप में हिरासत में लिया है। वहीं, जापान ने जासूसी के आरोपों को खारिज कर दिया है। साथ ही रूसी अधिकारियों पर अपमानजनक तरीके से पूछताछ करने का आरोप लगाया और रूस से मामले में माफी की मांग की है।

रूस की एजेंसियों ने एफएसबी के हवाले से एक खबर में कहा था, 'पैसे लेकर संवेदनशील जानकारी लेते हुए जापान के राजनयिक को रंगे हाथों पकड़ा गया है। वह रूस के बारे में ऐसी जानकारी हासिल कर रहा था, जिसे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में किसी अन्य देश के साथ साझा करने पर रोक है।' रूस की संघीय सुरक्षा सेवा (एफएसबी) ने आरोप लगाया कि व्लादिवोस्तोक में पदस्थ वाणिज्य दूत मोतोकी तत्सुनोरी ने पश्चिमी प्रतिबंधों के प्रभाव से जुड़ी जानकारी भी हासिल करने की कोशिश की।

जापान ने लगाया बदसलूकी का आरोप
जापान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि एक अधिकारी को 22 सितंबर को हिरासत में लिया गया था और उसकी आंखों पर पट्टी बांधकर पूछताछ की गई थी। उनके साथ बदसलूकी की गई और हम इसका विरोध करते हुए माफी की मांग करते हैं। वहीं, रूस के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को मॉस्को में जापान के दूतावास को सूचना दी थी कि अधिकारी को 'अवांछित व्यक्ति' घोषित किया गया है और गरैकानूनी जासूसी गतिविधियों में लिप्त होने के चलते उसे 48 घंटे में देश छोड़ने को कहा गया है।

रूसी राजदूत को तलब कर घटना पर जताया विरोध
जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव हिरोकाज़ु मात्सुनो ने कहा कि रूस की कार्रवाई पूरी तरह से आधारहीन है। मात्सुनो ने बताया कि जापान के उप विदेश मंत्री ताकियो मोरी ने रूसी राजदूत को तलब कर इस घटना पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने रूस की सरकार से घटना पर औपचारिक माफी और ऐसी घटना दोबारा ना हो इसके लिए कदम उठाने की मांग की है।

गौरतलब है कि रूस के 24 फरवरी को यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई शुरू करने के खिलाफ जापान के रूप पर प्रतिबंध लगाने के बाद से उसने कई बार जापान को 'शत्रु' देश बताया है। अमेरिका, यूरोपीय संघ के देशों और उनके पश्चिमी सहयोगियों को भी रूस यही कहता है।

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