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निजता का अधिकार: क्या है यूरोप और अमेरिका की स्थिति और एशिया के हालात 

What is the situation in Europe and US

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक अहम फैसले के तहत माना कि निजता का अधिकार किसी भी नागरिक का मौलिक अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने सरकार के उस रुख को करारा झटका दिया है जिसके तहत सरकार निजता के अधिकार को संवैधानिक अधिकार नहीं मानती थी। निजता के अधिकार पर आज से चार वर्ष पहले अंतराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी बहस छिड़ी जब अमेरिका में करोड़ों नागरिकों की निजी जानकारियां ऑन लाइन लीक हो गईं। एडवर्ड स्नोडन जो कि एक अमेरिकी इंटेलीजेंस एजेंसी सीआईए के पूर्व एजेंट थे उन्होंने सारी जानकारियां ऑनलाइन लीक कर दीं। भारत में भी जब आधार डाटा के लिए लोगों की व्यक्तिगत जानकारियां इकट्ठा हुईं लेकिन इस वर्ष मई में कई भारतीयों की व्यक्तिगत जानकारियां ऑन लाइन लीक हो गईं। जानिए यूरोप और अमेरिका के अलावा एशिया के बाकी देशों में निजता के अधिकार पर क्या कानून बने हुए हैं। 

यूरोप 
यूरोपियन यूनियन में शामिल सभी देशों में निजता का अधिकार दुनिया में सबसे मजबूत माना जाता है। यूरोपियन यूनियन ने साल 1995 में कानून पास हुआ। यहां पर पर्सनल डाटा के कलेक्शन, उसके संग्रह, वितरण और इसके प्रयोग को बैन कर दिया गया। ईयू के डाटा प्राइवेसी कानून के तहत किसी भी व्यक्ति के ई-मेल एड्रेस और उसके आईपी एड्रेस को भी  शामिल किया जाता है और इन्हें भी उसकी निजता में माना जाता है। स्पेन में एक डाटा एजेंसी को पर्सनल डाटा जारी करने की वजह से 393,355 डॉलर का जुर्माना तक अदा करना पड़ गया था। 

सिंगापुर और साउथ कोरिया
एशिया में साउथ कोरिया को एक ऐसा देश माना जाता है जहां पर निजता का कानून सबसे मजबूत माना जाता है। साल 2011 में साउथ कोरिया में कानून पास हुआ और यहां पर किसी भी व्यक्ति की फोटोग्राफ और उसकी आवाज को भी इसमें शामिल किया गया। वहीं सिंगापुर में साल 2012 में प्राइवेसी एक्ट पास हुआ और यहां पर नियम बनाया गया कि किसी भी व्यक्ति की मौत के 10 वर्षों बाद तक उसकी व्यक्तिगत जानकारियों को सुरक्षित रखा जाएगा। 

अमेरिका 
अमेरिका किसी भी व्यक्ति की निजता को सुरक्षित रखने में दुनिया का सबसे कमजोर देश माना जाता है। यहां का कानून किसी भी व्यक्ति का हेल्थकेयर और उसकी वित्तीय स्थिति के बारे में जानकारियां सुरक्षित तो करता लेकिन बहुत कम स्तर पर। इसके अलावा यहां पर हर राज्य की अपनी प्राइवेसी पॉलिसी और साथ ही साथ ही कंपनी अपना प्राइवेसी लॉ खुद तय करती है। अमेरिकी राज्य कैलिफोर्निया में निजता के कानून को सबसे मजबूत कानून माना जाता है। 

रूस 
रूस में साल 2005 और साल 2006 में निजता के कई कानून प्रभावी हुए। इसके बाद 27 जून 2006 को यहां पर रशियन फेडरल लॉन ऑन पर्सनल डाटा कानून लागू किया गया। इस कानून के तहत सभी जरूरी संस्थाओं और तकनीकी उपायों के तहत गैरकानूनी प्रक्रियाओं में पर्सनल डाटा को सुरक्षित रखना सुनिश्चित किया गया। रूस में पर्सनल डाटा के तहत जो जानकारियां व्यक्ति की ओर से दी जाती है उसमें उसका आखिरी नाम, उसका नाम, उसका वंश, जन्म से जुड़ी जानकारियां और जन्मस्थान, पता, उसका परिवार, सामाजित और उसकी संपत्ति का विवरण, शिक्षा आय और दूसरी जानकारियां शामिल होती हैं। रूस में अगर कोई व्यक्ति इन जानकारियों को देने से मना कर देता है तो फिर एजेंसियां उसे बाध्य नहीं कर सकती हैं। 
 


 

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