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9 अप्रैल, 2020|3:12|IST

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धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने और मानवाधिकार उल्लंघन पर घिरा पाकिस्तान, UNHRC ने फटकारा

imran khan

संयुक्त राष्ट्र ने मानवाधिकार के उल्लंघन पर पाकिस्तान को घेरा। संयुक्त राष्ट्र मानवधिकार प्रमुख मिशेल बैश्लेट ने गुरुवार (27 फरवरी) को कहा कि पाक में धार्मिक अल्पसंख्यकों को लगातार हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। उनके धर्मस्थलों पर बार-बार हमले हो रहे हैं। बैश्लेट ने कहा कि ईशनिंदा कानून के प्रावधानों में संशोधन करने में पाकिस्तान सरकार की असफलता का नतीजा धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हिंसा के रूप में निकला है।

जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की बैठक चल रही है। इसके 43वें सत्र को संबोधित करते हुए बैश्लेट ने पाकिस्तान के एक विश्वविद्यालय के व्याख्ता जुनैद हफीज का उल्लेख किया, जिन्हें दिसंबर में ईशनिंदा के मामले में मौत की सजा सुनाई गई थी।

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चिली ने भी पाक पर साधा निशाना
चिली की पूर्व राष्ट्रपति ने पाकिस्तान के विवादित ईशनिंदा कानून पर एक बयान में कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार तंत्रों से सिफारिशों के बावजूद पाकिस्तान सरकार ने ईशनिंदा कानून के प्रावधानों को खत्म या संशोधित नहीं किया है। इसके चलते धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हिंसा हो रही है। मनमाने ढंग से गिरफ्तारियां की जा रही हैं तथा मुकदमे चलाए जा रहे हैं।

ईशनिंदा कानून का दुरुपयोग
पाकिस्तान में ईशनिंदा एक बेहद संवेदनशील मुद्दा है। इस कानून के तहत दोषी पाए जाने वाले या महज इस्लाम के अपमान का आरोप लगने पर आरोपी व्यक्ति को इस्लाम के तथाकथित रक्षकों के हाथों अपनी जान गंवानी पड़ती है। मानवाधिकार समूह प्राय: आरोप लगाते रहे हैं कि बदला लेने या व्यक्तिगत दुश्मनी निकालने के लिए ईशनिंदा कानून का आए रोज दुरुपयोग किया जाता है।

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  • Web Title:Religious minorities continue to face violence in Pakistan Says UN Human rights chief