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"रूस और यूक्रेन करें संघर्ष विराम का सम्मान"

जर्मनी और फ्रांस का कहना है कि पूर्वी यूक्रेन में युद्धविराम बना रहना चाहिए. नए साल में सुरक्षा वार्ता को लेकर रूस और अमेरिका अभी भी एक साथ नहीं आ पाए हैं.जर्मनी और फ्रांस ने गुरुवार को यूक्रेन की...

"रूस और यूक्रेन करें संघर्ष विराम का सम्मान"
डॉयचे वेले,दिल्लीFri, 24 Dec 2021 04:00 PM

जर्मनी और फ्रांस का कहना है कि पूर्वी यूक्रेन में युद्धविराम बना रहना चाहिए. नए साल में सुरक्षा वार्ता को लेकर रूस और अमेरिका अभी भी एक साथ नहीं आ पाए हैं.जर्मनी और फ्रांस ने गुरुवार को यूक्रेन की सेना और रूस समर्थक अलगाववादी ताकतों से पूर्वी यूक्रेन में नए सिरे से संघर्ष विराम की प्रतिज्ञा का सम्मान करने का आग्रह किया है. बर्लिन और पेरिस ने एक संयुक्त बयान में कहा, "हम पक्षों से युद्धविराम का सम्मान करने और मानवीय क्षेत्र में आगे के कदमों पर चर्चा जारी रखने का आग्रह करते हैं, जैसे कि क्रॉसिंग पॉइंट खोलना और बंदियों की अदला-बदली" साझा बयान ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन द्वारा दावा किया गया कि गुरुवार को "रूसी संघ के सशस्त्र बलों" ने तीन बार ताजा संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था. युद्धविराम के पहुंचने से पहले यूक्रेन और रूस ने एक दूसरे पर अलगाववादी डोनबास क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई के लिए सेना के जमावड़े का आरोप लगाया था. अमेरिका, रूस सुरक्षा वार्ता हालांकि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यह कहा है कि मॉस्को यूक्रेन के साथ संघर्ष नहीं चाहता है.

एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान बोलते हुए पुतिन ने कहा कि नाटो के पूर्वी विस्तार को रोकने के उद्देश्य से रूस के सुरक्षा प्रस्तावों पर चर्चा करने की अमेरिका की इच्छा "सकारात्मक" थी. पुतिन ने कहा, "अमेरिकी साझेदारों ने हमें बताया कि वे इस चर्चा, इन वार्ताओं को अगले साल की शुरुआत में शुरू करने के लिए तैयार हैं" राष्ट्रपति जो बाइडेन की प्रवक्ता जेन साकी ने कहा कि अमेरिका ने अभी तक पुतिन के साथ नए सिरे से बातचीत के समय और स्थान पर सहमति नहीं जताई है. रूस ने हाल के महीनों में यूक्रेनी सीमा के पास अपने सैनिकों को तैनात किया है. यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगी लंबे समय से रूस पर यूक्रेन के अलगाववादियों को हथियारों की आपूर्ति करने का आरोप लगाते रहे हैं. यूक्रेन के मुताबिक उन्हीं अलगाववादी समूहों ने 2014 में रूस को क्रीमिया पर कब्जा करने में मदद की थी.

रूस ने उन आरोपों से इनकार किया था. अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने पिछले महीने कहा था कि वॉशिंगटन रूस की "असाधारण" गतिविधियों के बारे में चिंतित है. उन्होंने मॉस्को को 2014 की गंभीर गलती करने से बचने की चेतावनी दी. रूस पश्चिमी देशों के आरोपों से इनकार करता आया है. मॉस्को के मुताबिक इस साल के वसंत में रूस के बारे में इसी तरह की चिंता व्यक्त की जा रही थी, लेकिन रूस द्वारा ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई. पुतिन के आरोप क्या हैं पुतिन ने अपने संवाददाता सम्मेलन के दौरान पश्चिम पर यूक्रेन को "रूस विरोधी, लगातार आधुनिक हथियारों से लैस करने और आबादी का ब्रेनवॉश करने" के प्रयास करने के आरोप लगाए थे.

इस बीच साकी ने कहा, "तथ्य यह है कि वह हास्यजनक है, तथ्य स्पष्ट करते हैं कि रूस और यूक्रेन की सीमा पर हम जो एकमात्र आक्रामकता देख रहे हैं, वह रूसियों द्वारा सैन्य तैनाती है और रूस के नेता द्वारा युद्ध की बयानबाजी है" ब्रिटेन की विदेश मंत्री लिज ट्रस ने कहा कि उन्होंने यूक्रेन के प्रति रूस की आक्रामकता के बारे में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन से बात की है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि वे सहमत हैं कि रूसी घुसपैठ "एक बड़ी रणनीतिक गलती होगी और इसके गंभीर परिणाम होंगे" इस बीच ब्लिंकेन ने नाटो महासचिव येन्स स्टोल्टनबर्ग के साथ यूक्रेन की सीमा पर स्थिति पर चर्चा की. पिछले दिनों रूस ने पश्चिम पर काला सागर में सैन्य अभ्यास करने और यूक्रेन को आधुनिक हथियार मुहैया कराने का आरोप लगाया था. रूस ने यह भी मांग की है कि नाटो गारंटी दे कि उसकी सैन्य महत्वाकांक्षाएं पूर्व की ओर नहीं फैलेंगी. एए/सीके (एपी, एएफपी, डीपीए, रॉयटर्स).

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