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आतंकी पन्नू और SFJ पर कार्रवाई की तैयारी, अमेरिका में रह रहे भारतीयों ने बाइडेन से कर दी बड़ी मांग 

एसएफजे एक अमेरिकी संगठन है, जिसे भारत सरकार ने भारत विरोधी गतिविधियों के लिए गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत प्रतिबंधित कर दिया है।

आतंकी पन्नू और SFJ पर कार्रवाई की तैयारी, अमेरिका में रह रहे भारतीयों ने बाइडेन से कर दी बड़ी मांग 
Himanshu Jhaएजेंसियां,नई दिल्ली।Wed, 22 Nov 2023 05:55 AM
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अमेरिका में रहने वाली भारतीयों के एक पैनल ने एयर इंडिया से उड़ान भरने वाले लोगों को धमकी देने वाले वीडियो संदेश जारी करने के लिए आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू और उसके प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) को नो-फ्लाई लिस्ट में शामिल करने की मांग की है। भारतीय-अमेरिकियों और भारत-कनाडाई लोगों के एक समूह फाउंडेशन फॉर इंडिया एंड इंडियन डायस्पोरा स्टडीज (एफआईआईडीएस) द्वारा एक पैनल चर्चा का आयोजन किया गया था। पैनल ने कहा कि पन्नू के खिलाफ कार्रवाई करने का समय आ गया है।

एसएफजे एक अमेरिकी संगठन है, जिसे भारत सरकार ने भारत विरोधी गतिविधियों के लिए गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत प्रतिबंधित कर दिया है। जुलाई 2020 में पन्नू को अलगाववाद को बढ़ावा देने और कथित तौर पर पंजाबी सिख युवाओं को हथियार उठाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए यूएपीए के तहत आतंकवादी घोषित किया गया था।

एफआईआईडीएस खंडेराव कांड ने कहा, "कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने आतंक की स्वतंत्रता के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को गलत तरीके से प्रस्तुत किया है। चरमपंथी निज्जर की हत्या के लिए भारत के खिलाफ उनके आरोपों ने कनाडा में भारत विरोधी और हिंदू विरोधी अपराधों को बढ़ावा दिया है।" उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि उनकी नीतियां उग्रवाद के खतरों को नजरअंदाज कर रही हैं, जिसका अंततः कनाडा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।"

पूरी तरह शिकंजा कसने की तैयारी
भारत भी कार्रवाई के मूड में है। भारतीय एजेंसियों ने खालिस्तान समर्थक अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू पर पूरी तरह शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) पन्नू के खिलाफ मिले ठोस सबूतों को अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से साझा कर उस पर दूसरे देशों में भी दबाव बनाने की कोशिश करेगी। एनआईए के अलावा अन्य जांच एजेंसियां भी अलग-अलग तरीकों से नकेल कसने की मुहिम चलाएंगी। एक अधिकारी ने बताया कि पन्नू द्वारा लगातार दी जा रही धमकी गंभीर मामला है। यह भारतीय नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। यह सीधे तौर पर आतंकी गतिविधि है। लिहाजा एनआईए ने यूएपीए के तहत मामला दर्ज करके जांच शुरू की है। साथ ही अन्य एजेंसियां भी उसकी कुंडली खंगाल रही हैं।

भारत के खिलाफ भड़काऊ गतिविधियों में लिप्त
सूत्रों ने कहा कि पन्नू कनाडा में भारत विरोधी अलगाववादी गतिविधियों को आगे बढ़ा रहा है। वह अन्य देशों में भी अपने नेटवर्क के जरिए भारत और भारतीयों के खिलाफ भड़काऊ गतिविधियों में लिप्त है। खासतौर पर उसका संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) अमेरिकी जमीन से भारत के खिलाफ एजेंडा चला रहा है। एजेंसियों को आईएसआई से एसएफजे को फंडिंग के ठोस सबूत मिले हैं। सही समय पर इन सबूतों को अमेरिका से साझा करके कनाडा पर भी दबाव बनाने का अनुरोध किया जाएगा।

छह देशों में कई आतंकी संगठन सक्रिय
सूत्रों ने कहा कि दुनिया के छह देशों में कई खालिस्तान समर्थक आतंकी संगठन इस समय एकजुट होकर भारत विरोधी गतिविधियों में सक्रिय हैं। सूत्रों ने कहा कि इनका मकसद पंजाब और भारत के अलग-अलग हिस्सों में अस्थिरता फैलाना है।

आईएसआई के इशारे पर काम कर रहे तीन संगठन
भारतीय खुफिया एजेंसियों को जो इनपुट मिला है उसके मुताबिक खालिस्तान समर्थक आतंकी संगठन खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स का नेतृत्व रंजीत सिंह नीटा कर रहा है। एजेंसियों ने उस पर भी शिकंजा कसने की तैयारी की है। वहीं बब्बर खालसा इंटरनेशनल की कमान पाकिस्तान में मौजूद वाधवा सिंह कर रहा है। खालिस्तान समर्थक कमांडो फोर्स की गतिविधियां भी एजेंसियों के राडार पर हैं। ये तीनों संगठन आईएसआई के इशारे पर काम कर रहे हैं।

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