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15 सितम्बर, 2020|4:09|IST

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नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी में मतभेद सुलझाने को पूर्व स्पीकर से मिले प्रचंड, अब तक 10 बैठकें रही हैं असफल

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नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) के कार्यकारी अध्यक्ष पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' ने पार्टी के भीतर मतभेदों को सुलझाने के लिए पूर्व स्पीकर सुभाष नेमबांग से गुरुवार को बात की। नेमबांग को प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा 'ओली' का नजदीकी माना जाता है।पार्टी के एक सूत्र ने बताया कि चूंकि ओली और प्रचंड के बीच गुरुवार को प्रस्तावित बैठक नहीं हो सकी, इसलिए नेमबांग ने प्रधानमंत्री की ओर से कार्यकारी अध्यक्ष से मुलाकात की।

नेमबांग ने इस बारे में कोई विस्तृत जानकारी दिए बिना संवाददाताओं से कहा, 'बैठक सकारात्मक तरीके से हुई'। उन्होंने कहा कि यह 'हम सभी की जिम्मेदारी है कि पार्टी को विभाजित होने से बचाने के लिए दोनों शीर्ष नेताओं के बीच सहमति बनाएं।'

प्रचंड के कार्यालय ने कहा कि नेमबांग ने ओली का प्रतिनिधित्व करते हुए उनसे मुलाकात की, ताकि दोनों के बीच मतभेदों को दूर करने के लिए एक सकारात्मक माहौल बनाया जा सके। ओली और प्रचंड ने अपने बीच मतभेदों को दूर करने के लिए हाल के सप्ताहों में कम से कम दस बैठकें की हैं। लेकिन चूंकि प्रधानमंत्री ने 'एक व्यक्ति एक पद' की शर्त स्वीकार नहीं की, बातचीत असफल रही। ओली ने प्रधानमंत्री और एनसीपी सह-अध्यक्ष का अपना पद छोड़ने से इनकार कर दिया है।

ओली और प्रचंड के बीच हाल के सप्ताहों में मतभेद दूर करने के लिए कम से कम 10 बैठक हो चुकी हैं, लेकिन सभी बेनतीजा रहीं क्योंकि ओली ने प्रधानमंत्री पद और एनसीपी के सह-अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया। नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) के शीर्ष नेताओं के बीच पिछले कुछ सप्ताह से आंतरिक कलह काफी बढ़ गई है। प्रचंड ने यह कहते हुए ओली के इस्तीफे की मांग की है कि उनकी भारत विरोधी टिप्पणियां न तो राजनीतिक रूप से सही हैं और न ही कूटनीतिक रूप से उचित। कई शीर्ष नेता ओली की 'निरंकुश शैली के खिलाफ हैं।

 

 

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  • Web Title:Prachanda met former speaker to resolve differences in Nepal Communist Party