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Hindi News विदेशभविष्य के लिए नए क्षेत्रों में बढ़ाएंगे सहयोग, ऊर्जा, रक्षा क्षेत्र में आधुनिकीकरण पर सहमति: PM मोदी और PM हसीना का संयुक्त बयान

भविष्य के लिए नए क्षेत्रों में बढ़ाएंगे सहयोग, ऊर्जा, रक्षा क्षेत्र में आधुनिकीकरण पर सहमति: PM मोदी और PM हसीना का संयुक्त बयान

पीएम मोदी की शपथ में शामिल होने आई बांग्लादेशी पीएम हसीना एक बार फिर से भारत दौरे पर हैं। हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी के साथ मुलाकात के बाद दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

भविष्य के लिए नए क्षेत्रों में बढ़ाएंगे सहयोग, ऊर्जा, रक्षा क्षेत्र में आधुनिकीकरण पर सहमति: PM मोदी और PM हसीना का संयुक्त बयान
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Upendraभाषा,नई दिल्लीSat, 22 Jun 2024 06:12 PM
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ शनिवार को व्यापार और संपर्क सहित विविध क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने के लिए व्यापक बातचीत की। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शुक्रवार से दो दिवसीय भारत यात्रा पर हैं। लोकसभा चुनाव के बाद भारत में नई सरकार के गठन के बाद, किसी विदेशी नेता की यह पहली द्विपक्षीय यात्रा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा,'' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने द्विपक्षीय वार्ता से पहले हैदराबाद हाउस में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना का गर्मजोशी से स्वागत किया।'' उन्होंने कहा, '' दोनों नेता 2019 से दस बार मुलाकात कर चुके हैं, जिससे रिश्तों में अभूतपूर्व बदलाव आया है।'' बांग्लादेश की प्रधानमंत्री हसीना ने सुबह राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री के साथ चर्चा से पहले हसीना का राष्ट्रपति भवन में स्वागत किया गया। अधिकारियों ने बताया कि मोदी-हसीना चर्चा का मुख्य उद्देश्य व्यापार, संपर्क और ऊर्जा के क्षेत्रों सहित द्विपक्षीय संबंधों को नई गति प्रदान करना है। हसीना भारत के पड़ोसी और हिंद महासागर क्षेत्र के उन सात शीर्ष नेताओं में शामिल थीं, जो नौ जून को राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे। पिछले कुछ वर्षों में भारत और बांग्लादेश के बीच समग्र सामरिक संबंध तेजी से बढ़े हैं।

पिछले एक वर्ष में हमने लोक कल्याण की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूरी की हैं- पीएम मोदी

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री हसीना से बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बांग्लादेश हमारा पड़ोसी है और यह हमारी कई नीतियों जैसे पड़ोसी सबसे पहले, एक्ट ईस्ट, विजन सागर और इंडो- पैसेफिक का संगम हैं। पिछले एक साल में हमने मिलकर कई योजनाओं को पूरा किया है। इन योजनाओं के लाभ से लोगों के जीवन स्तर में वृद्धि हुई है। दुनिया का सबसे बड़ा रिवर क्रूज इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। भारत और बांग्लादेश ने इसे सफलता पूर्वक पूरा किया है। हमारी पहली क्रॉस बॉर्डर पाइपलाइन अब पूरी हो चुकी है इसके साथ ही नेपाल से बांग्लादेश को जाने वाली बिजली भी भारत की ग्रिड से जाएगी यह हमारे क्षेत्रीय सहयोग का एक बेहतर उदाहरण है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमने हथियारों के उत्पादन और सेनाओं के आधुनिकीकरण को लेकर भी चर्चा की और इसके साथ ही आतंकवाद, उग्रवाद के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ने की भी बात हुई।

बांग्लादेशी पीएम ने दिया पीएम मोदी को बांग्लादेश आने का न्यौता
पीएम हसीना ने कहा कि भारत हमारा पड़ोसी ही नहीं बल्कि सबसे भरोसेमंद दोस्त और हमारा क्षेत्रीय सहयोगी भी है। बांग्लादेश, भारत के साथ अपने रिश्तों को बहुत महत्व देता है। 1971 के युद्ध में भारत ने बांग्लादेश का जो सहयोग किया था वह आज भी जारी है। 1971 से लेकर आज तक यह रिश्ते लगातार मजबूत ही हुए हैं। मैं पीएम मोदी को बांग्लादेश आने का निमंत्रण देती हूं। वो आएं और देखें कि हमनें साथ में कितना कुछ कर लिया है और क्या कर सकते हैं। 
भारत और बांग्लादेश ने इसके बाद पीएम मोदी और पीएम हसीना की मौजूदगी में एमओयू का आदान-प्रदान किया गया और समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।

क्यों है पीएम हसीना की भारत यात्रा महत्वपूर्ण
भारत के लिहाज से बांग्लादेशी पीएम शेख हसीना कि यह यात्रा बहुत महत्वपूर्ण है। पीएम हसीना कुछ ही दिनों में चीन की यात्रा पर जाने वाली है, चीन लगातार बांग्लादेश को अपने पाले में करने की कोशिश में है। बांग्लादेश, चीन के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट बीआरआई का हिस्सा है, ऐसे में चीन लगातार यहां पर निवेश और सहयोग करके अपना प्रभुत्व बढ़ाना चाहता है जो भारत के लिए चिंता का विषय है। बांग्लादेश के लिए भी यह यात्रा अतिमहत्वपूर्ण है। पीएम हसीना ने हाल में ही हुए चुनाव में जीत दर्ज की थी लेकिन पश्चिमी देशों ने इसकी निंदा की थी और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए थे, सूत्रों के अनुसार बैक-डोर से भारत ने इस मामले में बांग्लादेश का सहयोग किया तब पश्चिमी देशों ने इस मुद्दे को छोड़ा। इसके साथ ही कुछ ही समय पहले पीएम हसीना का वह बयान भी चर्चा में रहा था जिसमें उन्होंने कहा था कि म्यांमार और बांग्लादेशों के कुछ हिस्सों को तोड़कर कुछ विदेशी ताकतें एक नया देश बनाना चाहती हैं। इन दोनों ही मामलों पर दोनों देशों की अपनी-अपनी चिंताऐं हैं, ऐसे में इन मुद्दों पर भारत के सहयोग के लिए यह बांग्लादेशी पीएम की यह यात्रा महत्वपूर्ण हो जाती है।