शोधार्थी पलक ने हांगकांग में प्रस्तुत किया शोध-पत्र
दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय की पीएचडी शोधार्थी कुमारी पलक ने हांगकांग में एशियन इकोनॉमिक डेवलपमेंट कॉन्फ्रेंस में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया। पलक ने महिलाओं में एनीमिया पर अपना शोध-पत्र प्रस्तुत किया और वियतनाम में मातृत्व अवकाश पर चर्चा की। सम्मेलन में केवल 11% शोध-पत्रों का चयन हुआ, जिसने उनकी गुणवत्ता को दर्शाया।

दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के आर्थिक अध्ययन एवं नीति विभाग की पीएचडी शोधार्थी कुमारी पलक ने चीन के हांगकांग स्थित हांगकांग यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (एचकेयूएसटी) में आयोजित 5वें एशियन इकोनॉमिक डेवलपमेंट कॉन्फ्रेंस (एईडीसी)-2026 में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया। सम्मेलन का संयुक्त आयोजन एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी), एशियन डेवलपमेंट बैंक इंस्टीट्यूट (एडीबीआई) और एचकेयूएसटी द्वारा किया गया। सम्मेलन के जेंडर एंड वेल-बीइंग सत्र में पलक ने “भारत के कोयला उत्पादक जिलों में महिलाओं में एनीमिया: संसाधन अभिशाप का एक स्थानीय स्वास्थ्य पहलू” विषय पर अपना शोध-पत्र प्रस्तुत किया। इसके अलावा उन्होंने “लंबी मैटरनिटी लीव, पतियों की ज्यादा कमाई: वियतनाम में 2013 में अनिवार्य मैटरनिटी लीव बढ़ाने का परिवार के भीतर असर” विषयक शोध-पत्र पर डिस्कसेंट (चर्चाकार) के रूप में भी अपनी भूमिका निभाई।विश्वविद्यालय
के जनसंपर्क पदाधिकारी मो. मुदस्सीर आलम ने बताया कि सम्मेलन में शोध-पत्रों के चयन की प्रक्रिया बेहद प्रतिस्पर्धी रही। दुनिया भर से प्राप्त शोध-पत्रों में से केवल 11 प्रतिशत का ही प्रस्तुतीकरण के लिए चयन हुआ। ऐसे प्रतिष्ठित मंच पर पलक के शोध-पत्र का चयन और उन्हें डिस्कसेंट की जिम्मेदारी मिलना उनके शोध की गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी प्रासंगिकता को दर्शाता है। इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह, कुलसचिव प्रो. नरेंद्र कुमार राणा और विभागाध्यक्ष प्रो. कृष्णन चालिल ने उन्हें बधाई दी।
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