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28 अक्तूबर, 2020|2:55|IST

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पाकिस्तान की नई साजिश, गिलगित-बाल्टिस्तान को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलवा कर चुनाव जीतने की तैयारी

imran khan project to get 2 indians sanctioned for terror fails unsc throws pakistan claim

पाकिस्तान गिलगित-बाल्टिस्तान के दर्जे को बदल कर उसे पूर्ण राज्य का दर्जा देने की योजना बना रहा है। पाकिस्तान में कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान मामलों के मंत्री अली आमीन गंडापुर ने बुधवार को मीडिया से बातचीत करते हुए सरकार की योजना की जानकारी दी। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा गिलगित-बाल्टिस्तान को पूर्ण राज्य का दर्जा और संसद के दोनों सदनों में प्रतिनिधित्व जैसे सभी संवैधानिक अधिकार दिए जाएंगे। 
इमरान खान कर सकते हैं दौरा

पाकिस्तानी मीडिया में चल रही ख़बरों के अनुसार, प्रधानमंत्री इमरान ख़ान जल्दी ही इस बदलाव के बारे में औपचारिक घोषणा करने के लिए गिलगित बाल्टिस्तान का दौरा कर सकते हैं। इस मामले से जुड़ी जानकारी साझा करते हुए अली आमीन ने कहा, "सभी पक्षों से सलाह-मशविरा करने के बाद सरकार ने गिलगित-बाल्टिस्तान को सभी संवैधानिक अधिकार देने का ये फ़ैसला किया है। हमारी सरकार ने यहां के लोगों से किया अपना वादा पूरा करने का फैसला लिया है।"
भारत की प्रतिक्रिया 
भारत की ओर से अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है लेकिन भारत पाकिस्तान के इस तरह के फैसलों का विरोध करता आया है। भारत सरकार ये दावा करती आई है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और इसीलिए गिलगित-बाल्टिस्तान भी उसके ही हुए। भारत कई बार पाकिस्तान को कह चुका है कि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और गिलगित- बाल्टिस्तान को क्षेत्र भारत का अभिन्न हिस्सा है। इससे पहले मई में पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों में उसके बदलाव करने की कोशिशों पर भारत के विदेश मंत्रालय कहा था कि पाकिस्तान की सरकार का गैर-कानूनी तरीके से कब्जा किए गए इन क्षेत्रों पर कोई अधिकार नहीं है। भारत ने गिलगित बाल्टिस्तान में चुनाव कराए जाने को मंज़ूरी देने के पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी। ब्रिटेन से आज़ादी से पहले गिलगित बाल्तिस्टिन जम्मू-कश्मीर रियासत का अंग हुआ करता था। लेकिन 1947 के बाद से इस पर पाकिस्तान का नियंत्रण है। 

फैसले की कुछ अहम बातें
इसके अलावा पाकिस्तान के इस फैसले से जुड़ी जानकारी साझा करते हुए अली आमीन कहते हैं कि संवैधानिक अधिकारों के मिलने के बाद क्षेत्र के लिए सब्सिडी और टैक्स छूट वापस नहीं ली जाएगी। उन्होंने कहा, "जब तक वहां के लोग अपने पैरों पर खड़े नहीं हो जाते, तब तक वे इस सुविधा का आनंद लेते रहेंगे।" मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने कहा है कि पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान इन बदलावों को लेकर राजनीतिक दलों के संपर्क में थे। इमरान खान की की सत्तारुढ़ पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी गिलगित-बाल्टिस्तान में आगामी चुनावों पर नज़र रखने के साथ बदलाव कर रही है ताकि वह राजनीतिक लाभ कमा सके और क्षेत्र में अगली सरकार बना सके।

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आने वाले चुनावों की है तैयारी
अली आमीन ने बताया कि चुनाव नंवबर के मध्य में करवाने की योजना है, उन्होंने बताया कि तैयारी पूरी हो चुकी है और पीटीआई ने टिकटों को बांटना भी शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि गिलगित-बाल्टिस्तान के लोगों का 73 वर्षों तक सामना करने वाला "अभाव" परिवर्तन के साथ समाप्त होगा। उन्होंने कहा कि संवैधानिक अधिकारों और एक प्रांतीय स्थापना के अलावा, इस क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। 1999 में, पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि गिलगित-बाल्टिस्तान के लोग पाकिस्तानी नागरिक हैं और सरकार को उचित प्रशासनिक और विधायी उपाय शुरू करने का निर्देश भी दिया। 


2009 में गिलगित-बाल्टिस्तान सशक्तीकरण और स्व-शासन आदेश पेश किया गया था, जिसके तहत उत्तरी क्षेत्रों का नाम बदलकर गिलगित-बाल्टिस्तान कर दिया गया था और इस क्षेत्र को प्रांत-जैसा दर्जा दिया गया था। लेकिन ऐसा संसद में प्रतिनिधित्व के बिना हुआ था। उपरोक्त लोगों ने कहा कि इस क्षेत्र को पूर्ण प्रांत का दर्जा देने के किसी भी कदम का स्थानीय निवासियों द्वारा स्वागत किया जाएगा। कुछ हितधारकों ने सुझाव दिया था कि इस क्षेत्र को अनंतिम रूप से एक प्रांत का दर्जा दिया जाना चाहिए और कश्मीर मुद्दे के हल होने के बाद ही इसे पूर्ण प्रांत बनाया जाना चाहिए। 

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  • Web Title:Pakistans has decided to give Gilgit-Baltistan full state status preparing to win elections