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पाकिस्तान के सामने कंगाल होने के हालात, भारत के मुकाबले आधी रह गई पाक रुपये की कीमत

पाकिस्तान

पाकिस्तान के सामने कंगाल होने के हालात बनते जा रहे हैं। जुलाई में होने वाले आम चुनावों से पहले 30 हजार करोड़ डॉलर वाली अर्थव्यवस्था लड़खड़ाती नजर आ रही है। आर्थिक संकट के हालत यह हैं कि पाकिस्तानी रुपये की कीमत भारत की तुलना में आधी रह गई है।

इस हफ्ते पाक रुपया डॉलर के मुकाबले 122 रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया जबकि भारतीय रुपये की वर्तमान कीमत 67.66 रुपये है।  रिकॉर्ड स्तर तक गिरने के बाद गुरुवार को पाक रुपये की कीमत 118.24 रुपये रही।  

अगले महीने चुनावों में यह एक बड़ा चुनावी मुद्दा बन सकता है। पाकिस्तान के स्टेट बैंक के अनुसार लगातार बढ़ते व्यापार घाटे की वजह से पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था जबरदस्त दबाव झेल रही है। निर्यात में वृद्धि के बावजूद चालू खाता घाटा बढ़कर 1400 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया है। यह घाटा पिछले साल की तुलना में करीब डेढ़ गुना ज्यादा है। 

विदेशी मुद्रा भंडार घट रहा  

10.3 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार 

16.4 अरब डॉलर विदेशी मुद्रा भंडार था पिछले साल 

मुद्रा का अवमूल्यन 

-3.7 फीसदी अवमूल्यन किया गया रुपये में 

-3 बार अवमूल्यन हुआ पाक मुद्रा का पिछले सात महीने में 

गिरावट जारी 

वर्ष पाक रुपये की कीमत 

अगस्त, 2008 79.2

जून, 2009 67 

फरवरी, 2016 104.66

जून, 2018 122

कर्ज मांगने की नौबत 

अगले महीने होने वाले चुनावों के बाद पाकिस्तान एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) से कर्ज की गुहार लगा सकता है। वर्ष 2013 में भी पाकिस्तान मुद्राकोष के पास गया था। 

एक बार फिर चीन की शरण में 

आर्थिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान एक बार फिर से चीन की शरण में है। पिछले दस महीनों में पाकिस्तान चीन से 440 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुका है।  साल 2017-18 में पाकिस्तान के कुल विदेशी कर्ज में 40 फीसदी हिस्सा चीन का ही है। यही नहीं पाकिस्तान स्टेट बैंक चीन से 150 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त कर्ज लेने की तैयारी में है।

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  • Web Title:Pakistani rupee grew weaker situation of being pauper in front of Pakistan