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11 अप्रैल, 2021|12:31|IST

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अभी गर्दिश में ही रहेंगे इमरान खान के सितारे, PAK के ग्रे लिस्ट से बाहर आने की उम्मीद नहीं

imran khan

पाकिस्तान के एफएटीएफ की 'ग्रे लिस्ट' से बाहर निकलने की उम्मीद नहीं है, क्योंकि कुछ यूरोपीय देशों ने यह रुख अपनाया है कि इस्लामाबाद ने इसके द्वारा निर्धारित कार्ययोजना के सभी बिंदुओं को पूरी तरह से लागू नहीं किया है। यह जानकारी रविवार को मीडिया की एक खबर दी गई। एफएटीएफ की आतंकवाद के वित्तपोषण पर निगरानी के लिए पूर्ण बैठक 22 फरवरी से होने वाली है। ऐसे में माना जा रहा है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के सितरे अभी भी गर्दिश में ही रहने वाले हैं, क्योंकि पाकिस्तान को जल्द राहत मिलती नहीं दिख रही है।

पेरिस स्थित वित्तीय कार्यबल (एफएटीएफ) ने जून 2018 में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में रखा था और इस्लामाबाद को 2019 के अंत तक आतंकवाद के वित्तपोषण पर लगाम लगाने के लिए कार्ययोजना को लागू करने के लिए कहा था, लेकिन बाद में कोविड-19 महामारी के कारण यह समयसीमा बढ़ा दी गई थी। डॉन अखबार के अनुसार, एफएटीएफ का पूर्ण सत्र 22 फरवरी से 25 फरवरी तक पेरिस में आयोजित होगा, जिसमें पाकिस्तान सहित ग्रे सूची के विभिन्न देशों के मामलों पर विचार किया जाएगा और बैठकों के समापन पर इस पर निर्णय लिया जाएगा।

अक्टूबर 2020 में आयोजित अंतिम पूर्ण सत्र में, एफएटीएफ ने निष्कर्ष निकाला था कि पाकिस्तान फरवरी 2021 तक अपनी ग्रे लिस्ट में जारी रहेगा क्योंकि यह वैश्विक धनशोधन और आतंकवादी वित्तपोषण निगरानी के 27 में से छह दायित्वों को पूरा करने में विफल रहा है। उसके अनुसार इसमें भारत के दो सबसे वांछित आतंकवादी - जैश-ए मोहम्मद प्रमुख मौलाना मसूद अजहर और जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई भी शामिल है।

अजहर और सईद भारत में कई आतंकवादी कृत्यों में उनकी संलिप्तता के लिए सबसे वांछित आतंकवादी हैं, जिनमें 26/11 मुंबई आतंकवादी हमला और पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ की बस पर आतंकी हमला शामिल है। इन घटनाक्रमों से जुड़े एक आधिकारिक सूत्र ने शनिवार को अखबार को बताया कि पाकिस्तान ने छह सिफारिशों का अनुपालन किया है और एफएटीएफ सचिवालय को विवरण भी प्रस्तुत कर दिया है।

आम सहमति से लिया जाएगा फैसला
सूत्र ने कहा कि अब सदस्य बैठक के दौरान पाकिस्तान की प्रतिक्रिया का मूल्यांकन करेंगे। सूत्र ने कहा कि निर्णय सदस्यों के बीच आम सहमति से लिया जाएगा। अखबार ने एफएटीएफ को कवर करने वाले एक पत्रकार के हवाले से कहा कि कुछ यूरोपीय देशों, विशेष रूप से मेजबान फ्रांस ने, एफएटीएफ को पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में बनाये रखने की सिफारिश की है और यह रुख अपनाया है कि इस्लामाबाद द्वारा सभी बिंदु पूरी तरह से लागू नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अन्य यूरोपीय देश भी फ्रांस का समर्थन कर रहे हैं।

कार्टून मुद्दे पर पाकिस्तान से खुश नहीं फ्रांस
उन्होंने कहा कि कार्टून मुद्दे पर इस्लामाबाद की हालिया प्रतिक्रिया से फ्रांस खुश नहीं है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने पेरिस में एक नियमित राजदूत भी तैनात नहीं किया है। अमेरिकी पत्रकार डैनियल पर्ल के अपहरण और हत्या मामले के आरोपियों को बरी किए जाने को लेकर अमेरिका ने भी चिंता जताई है। यह आशंका है कि अमेरिका पाकिस्तान को इस साल कम से कम जून तक ग्रे लिस्ट में जारी रखने की पैरवी भी कर सकता है।

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  • Web Title:Pakistan unlikely to exit grey list as FATF meets to decide its fate