DA Image
10 मई, 2021|1:28|IST

अगली स्टोरी

भारत से चीनी-कपास के आयात पर इमरान के यूटर्न पर बवाल, पाक कारोबारी बोले- बर्बाद हो जाएंगे

imran khan

भारत से चीनी और कपास के आयात को मंजूरी देने के फैसले पर पाकिस्तान को यूटर्न लेना महंगा पड़ रहा है। भारत से चीनी और कपास के आयात पर फैसले को पलटने को लेकर पाकिस्तान मे दो फाड़ हो चुका है। इस यूटर्न पर न सिर्फ इमरान खान सरकार की आलोचना हो रही है, बल्कि टेक्स्टाइल सेक्टर इसका भारी विरोध कर रहा है। पाकिस्तान में टेक्सटाइल इंडस्ट्री ने इमरान खान के इस फैसले को निराशाजनक बताया है और कहा कि इससे हमारा कारोबार पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा। 

डॉन के मुताबिक, पाकिस्तान परिधान (कपड़े) मंच के अध्यक्ष जावेद बिलवानी ने गुरुवार को कहा कि संघीय कैबिनेट के फैसले ने कपड़ा निर्यात उद्योग को निराश किया है। उन्होंने वाणिज्य सलाहकार अब्दुल रजाक दाऊद की सिफारिश को भारत से सूती धागे के आयात को यथार्थवादी और समय की जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि भारत से कपास का आयात करना पाकिस्तान और टेक्सटाइल इंडस्ट्री के हित में था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार को भारत से कपास के आयात के मसले पर फिर से गंभीर विचार करना चाहिए।

बता दें कि गुरुवार को पीएम इमरान खान के नेतृत्व में हुई कैबिनेट मीटिंग में सरकारी पैनल के फैसले को पलटने पर मुहर लगी। इससे पहले पाकिस्तान की इकॉनमिक कॉर्डिनेशन कमिटी ने भारत से चीनी और कपास के आयात को मंजूरी दी थी। दरअसल पाकिस्तान में इन उत्पादों की महंगाई काफी बढ़ गई है। ऐसे में महंगाई से निपटने के लिए भारत से आयात फिर शुरू करने का फैसला लिया गया था। लेकिन इस पर भी राजनीति शुरू हो गई और दबाव में इमरान खान सरकार ने फैसले को पलट दिया। 

जावेद बिलवानी ने कहा कि पाकस्तान सरकार द्वारा इकॉनमिक कॉर्डिनेशन कमिटी यानी ईसीसी के प्रस्ताव को अस्वीकार करने से विदेशी खरीदारों के बीच नकारात्मक संदेश जाएगा और इस वक्त पाकिस्तान में सूती धागा उपलब्ध नहीं है। दरअसल, बड़े नुकसान से बचने के लिए पाकिस्तान का टेक्सटाइल एक्सपोर्ट सेक्टर लगातार भारत समेत पूरी दुनिया से ड्यूटी फ्री सूती धागे के आयात की मांग कर रहा है। भारत से कपास खरीदना अन्य देशों के मुकाबले पाकिस्तान को सस्ता पड़ेगा। यही वजह है कि टेक्सटाइल सेक्टर इमरान खान के इस फैसले का विरोध कर रहा है। 

बिलवानी ने दावा किया कि कैबिनेट के फैसले के बाद पाकिस्तान में सूती धागे की कीमत काफी बढ़ गई है। अगर सरकार भारत से कपास आयात करने की अनुमति नहीं देना चाहती तो सरकार को देश में सूती धागे की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने आशंका जताई कि पड़ोसी देश से सूती धागे के आयात की अनुमति नहीं मिलने पर पाकिस्तान का टेक्सटाइल एक्सपोर्ट बुरी तरह से प्रभावित होगा और निर्यात घट जाएगा। बिलवानी ने कहा कि अगर सरकार भारत से सूती धागे के आयात की अनुमति नहीं देना चाहती है तो उसे कम से कम अगले छह महीने के लिए कपास और सूती धागे के निर्यात पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।

अगर आंकड़ों पर गौर करें तो पाकिस्तान में टेक्सटाइल इंडस्ट्री काफी बुरे दौर से गुजर रही है। भारत से कपास खरीद का सौदा कैसे फायदेमंद होता, इसके लिए बिलवानी ने समझाया भी है। बिलवानी के मुताबिक, कोरोना वायरस महामारी के कारण समुद्र के रास्ते भाड़े में पहले ही 700 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है और माल अब 25 दिनों के बजाय 105 दिनों में अपने विदेशी गंतव्य पर पहुंच रहा है।

पाकिस्तान की ओर से फैसले को पलटने को लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ कहा नहीं गया है। यदि  इकॉनमिक कॉर्डिनेशन कमिटी का फैसला लागू होता तो दो साल बाद भारत और पाकिस्तान के बीच कारोबार की शुरुआत होती। दरअसल अगस्त 2019 में भारत की ओर से जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान ने भारत से कारोबार बंद करने का फैसला लिया था। बुधवार को ही पाकिस्तान के नए वित्त मंत्री हम्माद अजहर ने भारत के साथ कारोबार शुरू करने का ऐलान किया था। उन्होंने भारत से कपास और चीनी के आयात की बात कही थी। यही नहीं भारत से कारोबार शुरू करने के सवाल पर उन्होंने अपने फैसले का बचाव भी किया था। 

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Pakistan textile sector disappointed with Imran Khan govt u turn on Indian cotton imports