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PoK को विदेशी हिस्सा बता पाकिस्तान ने अपने पैरों पर मारी कुल्हाड़ी, अब हो रही फजीहत

पाक सरकार ने  इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के समक्ष स्वीकार किया है कि पीओके एक विदेशी क्षेत्र है और इस पर पाकिस्तान का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है। इस बात को लेकर अब बवाल मच गया है।

PoK को विदेशी हिस्सा बता पाकिस्तान ने अपने पैरों पर मारी कुल्हाड़ी, अब हो रही फजीहत
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Himanshu Tiwariलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSun, 02 Jun 2024 10:18 PM
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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को पाक सरकार अपना क्षेत्र नहीं मानता है। पाक सरकार के इस बयान से बवाल मचा हुआ है। पाक सरकार ने  इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के समक्ष स्वीकार किया है कि पीओके एक विदेशी क्षेत्र है और इस पर पाकिस्तान का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है। अब इस बात को लेकर पाक सरकार की फजीहत हो रही है। उल्लेखनीय है कि कश्मीरी शायर और पत्रकार अहमद फरहाद शाह के अपहरण मामले में शुक्रवार (31 मई) को पाकिस्तान के अतिरिक्त अटॉर्नी जनरल ने यह बात कबूल की पीओके पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। इस्लामाबाद की अदालत अहमद फरहाद शाह के मामले की सुनवाई कर रही थी। फरहाद को 15 मई को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों ने रावलपिंडी में उनके घर से अगवा कर लिया था।

वहीं पाक सरकार के इस बायन पर मशहूर पाकिस्तानी पत्रकार हामिद मीर पर अपना विरोध जताया है। उन्होंने एक्स पर कहा, "पाकिस्तान एजेके (पीओको) को बहुत नकारात्मक परिप्रेक्ष्य में पेश कर रहा है। उन्होंने इस्लामाबाद से एक कवि का अपहरण कर लिया। उनमें अपहरण को स्वीकार करने का नैतिक साहस नहीं है और अब उन्होंने एजेके में उसकी गिरफ्तारी दिखाई है और इस्लामाबाद हाईकोर्ट में एजेके को एक विदेशी क्षेत्र बताया है। इसका मतलब है कि उनके पास एजेके में कब्जा करने वाली सेना का अधिकार है, लेकिन पाकिस्तानी अदालतों का कोई क्षेत्राधिकार नहीं है।"

विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा, "झूठ कितना ही बोलो, अपने कुकर्मों को छुपाते छुपाते, कभी कभी सच्चाई होंठों पर या ही जाती है। रोज कश्मीर का राग अलापने वाले पापी पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में लिख कर दे दिया कि पाकिस्तानी अवैध कब्जे वाला कश्मीर एक 'विदेशी भूमि' है। पाकिस्तान सरकार द्वारा दशकों से, कश्मीर मामले में विश्वभर को धोखे में रखने, आतंकवाद को बढ़ावा देने तथा अपनी खुफिया एजेंसी के माध्यम से अपहरण, हत्याएं व अमानवीय अत्याचारों के लिए भारत व संयुक्त राष्ट्र संघ सहित सम्पूर्ण विश्व समुदाय से क्षमा याचना करनी चाहिए।"  

उल्लेखनीय है कि इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने कश्मीरी शायर अहमद फरहाद का पता लगाने से संबंधित मामले को समाप्त करने की याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी और अधिकारियों को निर्देश दिया कि उन्हें पहले अदालत में पेश किया जाए। फरहाद 14 मई को रावलपिंडी से लापता हो गए थे, जिसके एक दिन बाद उनकी पत्नी उरूज जैनब ने उन्हें ढूंढने के लिए इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) में याचिका दायर की थी। अपनी विद्रोही शायरी के लिए मशहूर फरहाद को उनके घर से अगवा कर लिया गया था। इससे पहले, बुधवार को अटॉर्नी जनरल मंसूर उस्मान अवान ने उच्च न्यायालय को बताया कि शायर को ‘गिरफ्तार’ किया गया था और वह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) की पुलिस की हिरासत में हैं।

पाकिस्तान टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को पाकिस्तान के अतिरिक्त अटॉर्नी जनरल ने न्यायमूर्ति कयानी के समक्ष दलील दी कि फरहाद शाह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में पुलिस हिरासत में है और उसे इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में पेश नहीं किया जा सकता। रिपोर्ट के अनुसार, अतिरिक्त अटॉर्नी जनरल ने कहा कि कश्मीर एक विदेशी क्षेत्र है, जिसका अपना संविधान और अपनी अदालतें हैं और पीओके में पाकिस्तानी अदालतों के फैसले विदेशी अदालतों के फैसले जैसे लगते हैं।