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हिंदी न्यूज़ विदेशमहंंगाई, सुरक्षा, कोरोना वैक्सीन पीछे छूटे, 'पॉर्न वेबसाइटों' की चिंता में डूबे पाकिस्तानी पीएम इमरान खान!

महंंगाई, सुरक्षा, कोरोना वैक्सीन पीछे छूटे, 'पॉर्न वेबसाइटों' की चिंता में डूबे पाकिस्तानी पीएम इमरान खान!

एजेंसियां,इस्लामाबादPriyanka
Sun, 24 Oct 2021 12:45 PM
महंंगाई, सुरक्षा, कोरोना वैक्सीन पीछे छूटे, 'पॉर्न वेबसाइटों' की चिंता में डूबे पाकिस्तानी पीएम इमरान खान!

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एफटीएफ की ग्रे लिस्ट से बाहर न निकल पाना, अफगान में तालिबान के आने से हिंसा झेलना, कमरतोड़ महंगाई के कारण सहयोगी दलों के निशाने पर आना और अमेरिका, विश्व बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की बेरुखी जैसे ऐसी तमाम परेशानियां हैं जिनसे फिलहाल पाकिस्तान घिरा है। हालांकि, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की नजर में एक समस्या ऐसी है जो इन सबसे ऊपर जान पड़ती है। यह है 'पॉर्न वेबसाइट्स' की समस्या। चौतरफा मार झेल रहे देश के पीएम इमरान ने पॉर्न वेबसाइटों को ब्लॉक करने संबंधी एक बैठक की अध्यक्षता की, जिसके बाद उन्हें आलोचना का शिकार होना पड़ रहा है।

पाकिस्तान प्रधानमंत्री कार्यालय ने 21 अक्टूबर को एक ट्वीट किया। इस ट्वीट के जरिए यह जानकारी दी गई कि पीएम इमरान खान ने देश में पॉर्न वेबसाइटों को ब्लॉक करने को लेकर बुलाई गई बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में इमरान खान ने यह भी कहा कि मॉडर्न तकनीक के युग में नई पीढ़ी का अहम योगदान है। मॉडर्न टेक्नोलॉजी डिवाइस और 3जी-4जी के तेजी से प्रसार की वजह से लोग अब हर तरह के कॉन्टेंट तक पहुंच रहे हैं। 

अक्सर पाकिस्तान सरकार की आलोचना करने वाली पत्रकार नायला इनायत ने इस पर लिखा, '99 और समस्याएं हैं लेकिन पॉर्न वेबसाइटें पीएम की सबसे बड़ी चिंता हैं।' बता दें कि हाल ही में पाकिस्तान विश्व बैंक की बनाई उन 10 देशों की सूची में शामिल हो गया है जिनपर सबसे ज्यादा विदेशी कर्ज है। विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के विदेशी कर्ज में 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस साल जून में एक रिपोर्ट में यह भी बात सामने आई थी कि पाकिस्तान की इमरान सरकार 442 मिलियन डाॅलर का उधार ले चुकी है। 

आने वाले दिनों में और खराब हो सकते हैं हालात 
विश्व बैंक और एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) ने पाकिस्तान का लोन सस्पेंड कर दिया है। ऐसे में बाहरी वित्तपोषण की आवश्यकता दोहरा सिरदर्द बना हुआ है। द न्यूज इंटरनेशनल के अनुसार क्रेडिट एजेंसियां देश की पाकिस्तान की रेटिंग को और कम कर सकती हैं। जिससे इंटरनेशनल बांड के जरिये पैसा इकट्ठा करना और महंगा हो जायेगा। 

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