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पाकिस्तान सरकार को गरीबों की चिंता नहीं... जानें इमरान सरकार पर क्यों बरसे बिलावल

लाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीPublished By: Nootan Vaindel
Tue, 03 Aug 2021 08:31 AM
पाकिस्तान सरकार को गरीबों की चिंता नहीं... जानें इमरान सरकार पर क्यों बरसे बिलावल

बढ़ती महंगाई का सामना कर रहे पाकिस्तान में हालात लगातार बदतर होते जा रहे हैं। देश को संभालने में नाकामयाब साबित हो रहे इमरान खान को अपने ही देश में आलोचना का सामना करन पड़ रहा है। हाल ही में बढ़ी पेट्रोल की कीमतों को लेकर इमरान खान की सरकार को आड़े हाथों लिया जा रहा है। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने सोमवार को कहा कि इमरान खान के नेतृत्व वाली (पीटीआई) सरकार गरीबों की समस्याओं की परवाह नहीं करती है। पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतें आसमान छू रही हैं। सरकार ने पेट्रोल की कीमत 1.71 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दी है, जिससे कुल कीमत 119.80 रुपये प्रति लीटर हो गई है।

बिलावल ने एक बयान में कहा, एक महीने में एक लीटर पेट्रोल पर 10 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। सरकार पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि अपने खर्चों को पूरा करने के लिए कर रही है। पीपीपी अध्यक्ष ने कहा कि पाकिस्तान इतनी ज्यादा महंगाई बर्दाश्त नहीं कर सकता।

बिलावल ने कहा, "इस चुनी हुई सरकार की नाकामयाबी पाकिस्तान को आगे बढ़ने से रोक रही है, प्रधानमंत्री इमरान खान झूठ और राजनीतिक प्रताड़ना के अलावा कुछ नहीं जानते हैं।" पीपीपी अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री से पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के फैसले को वापस लेने और "लोगों पर दया करने" के लिए कहा। उन्होंने कहा, "पीपीपी ने कठोर परिस्थितियों का सामना करने के बावजूद पेट्रोल की कीमतों को स्थिर रखा था।"

जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने पेट्रोल की कीमत 1.71 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दी है, जिससे कुल कीमत 119.80 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
यह निर्णय पाकिस्तान के तेल और गैस नियामक प्राधिकरण की सिफारिश के अनुसार किया गया था। मिट्टी के तेल की कीमत भी 87.14 रुपये प्रति लीटर के मुकाबले 0.35 रुपये प्रति लीटर बढ़कर 87.49 रुपये प्रति लीटर हो गई है।

पिछले महीने, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) ने देश में बढ़ती मुद्रास्फीति के लिए इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार पर हमला किया था और दोहराया था कि पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) नेशनल असेंबली में 'जनविरोधी बजट' को पारित नहीं होने देगी।

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