सेना और इमरान के खिलाफ मोर्चा खोलने की सजा? मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किए गए नेता प्रतिपक्ष शहबाज शरीफ 

भाषा,इस्लामाबाद Last Modified: Mon, Sep 28 2020. 20:15 IST
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सात अरब रुपये के धनशोधन मामले में लाहौर उच्च न्यायालय द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने पर पाकिस्तान के नेता प्रतिपक्ष और पीएमएल-एन के अध्यक्ष शहबाज शरीफ को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। यह घटनाक्रम प्रधानमंत्री इमरान खान के इस्तीफे की मांग को लेकर अगले महीने पीएमएल-एन के निर्धारित प्रदर्शनों से ठीक पहले हुआ है।

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के छोटे भाई शहबाज को अदालत परिसर से गिरफ्तार किया गया, जहां सुनवाई से पहले बड़ी संख्या में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के कार्यकर्ता एकत्र हो गए। शहबाज को भ्रष्टाचार रोधी इकाई राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) के अधिकारी लाहौर हिरासत केंद्र ले गए। उन्हें रिमांड के लिए जवाबदेही अदालत में पेश किया जाएगा।

सरदार अहमद नईम की अध्यक्षता वाली लाहौर उच्च न्यायालय की दो सदस्यीय पीठ ने एनएबी की टीम और शहबाज के वकीलों की दलील सुनने के बाद शहबाज की जमानत याचिका खारिज कर दी। इमरान खान सरकार ने पिछले सप्ताह 69 वर्षीय शहबाज और उनके परिवार के खिलाफ धनशोधन का मामला दायर किया था। शहबाज शरीफ 2008 से 2018 तक पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री थे।

प्रधानमंत्री के आंतरिक और जवाबदेही मामलों के सलाहकार शहजाद अकबर ने 23 सितंबर को आरोप लगाया था कि शहबाज और उनके बेटों- हमजा और सलमान ने फर्जी खातों के जरिए धनशोधन को अंजाम दिया। अकबर ने कहा कि वित्तीय निगरानी इकाई ने शहबाज के परिवार के 177 संदिग्ध लेन-देन का पता लगाया था, जिसके बाद एनएबी ने जांच शुरू कर दी।

उन्होंने शहबाज और हमजा पर पार्टी के टिकट के बदले रिश्वत लेने तथा अपनी पसंद के लोगों को परियोजनाएं देने का आरोप लगाया। अकबर ने आरोप लगाया कि शहबाज और उनके बच्चों के स्वामित्व वाली कंपनियों के कर्मियों के जरिए करोड़ों रुपये का धनशोधन किया गया।  शहबाज ने अपनी गिरफ्तारी से पहले मीडिया से कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान उन्हें गिरफ्तार कराना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, ''यह इमरान खान और एनएबी का नापाक गठबंधन है, जो मुझे सलाखों के पीछे भेजना चाहता है। उनकी गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पीएमएल-एन की प्रवक्ता मरयम नवाज ने कहा कि शहबाज को केवल इसलिए गिरफ्तार किया गया है क्योंकि उन्होंने अपने बड़े भाई को नहीं छोड़ा।'' उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक उत्पीड़न कर रही है। मरयम ने कहा कि प्रतिशोध की कार्रवाई उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं का हौसला नहीं तोड़ सकती।

पीडीपी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी शहबाज की गिरफ्तारी की निन्दा की और कहा कि इमरान खान को अपदस्थ करने के लिए विपक्षी दलों के 'पाकिस्तान डेमोक्रेटिक एलायंस बनाने के बाद प्रधानमंत्री डर गए हैं। नवाज शरीफ द्वारा एक सप्ताह पहले विभिन्न दलों के सम्मेलन को संबोधित किए जाने और सेना पर हमला बोले जाने के बाद विपक्ष को सरकार की ओर से किसी कड़ी कार्रवाई की आशंका थी।

पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने लंदन से वीडियो कॉन्फ्रेंस के सम्मेलन को संबोधित करते हुए राजनीति में सेना की संलिप्तता के बारे में बात की और कहा कि देश में राजनीतिक सत्ता से भी ऊपर एक सत्ता है। उन्होंने कहा कि संयुक्त विपक्ष का संघर्ष खान के खिलाफ नहीं, बल्कि उन लोगों के खिलाफ है जिन्होंने 2018 के चुनाव में धांधली कर देश पर एक 'अक्षम आदमी' को थोपा है।

विपक्ष को अभी और लोगों की गिरफ्तारी की भी आशंका है। एनएबी, जेयूआई-एफ के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान को पहले ही नोटिस जारी कर चुका है। नवाज शरीफ, उनकी पुत्री एवं पार्टी उपाध्यक्ष मरयम और दामाद मुहम्मद सफदर को छह जुलाई 2018 को एवनफील्ड प्रॉपर्टीज मामले में दोषी ठहराया गया था।

शरीफ को दिसंबर 2018 में अल अजीजिया स्टील मिल्स मामले में भी सात साल कैद की सजा सुनाई गई थी। लेकिन उन्हें दोनों मामलों में जमानत मिल गई और इलाज कराने के लिए लंदन जाने की अनुमति भी मिल गई थी। उन्हें वापसी के लिए आठ सप्ताह का समय दिया गया था, लेकिन वह स्वास्थ्य जटिलताओं के चलते वापस नहीं आए हैं। पाकिस्तान के बड़े विपक्षी दल इमरान खान से तत्काल इस्तीफा देने की मांग कर रहे हैं और अगले महीने वह प्रधानमंत्री को अपदस्थ करने के लिए देशव्यापी प्रदर्शन करेंगे।

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