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विदेशपलटा पड़ोसी: भारत से अच्छे रिश्ते के लिए पाकिस्तान ने फिर लगा दी वह शर्त, जो कभी नहीं होगी पूरी

लाइव हिन्दुस्तान ,इस्लामाबादPublished By: Sudhir Jha
Fri, 02 Apr 2021 01:02 AM
पलटा पड़ोसी: भारत से अच्छे रिश्ते के लिए पाकिस्तान ने फिर लगा दी वह शर्त, जो कभी नहीं होगी पूरी

पिछले कुछ दिनों से भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में सुधार के संकेत मिलने रहे थे, लेकिन जो सुधर जाए उसका नाम पाकिस्तान नहीं। पड़ोसी मुल्क ने भारत से चीनी और कपास के आयात के फैसले को 24 घंटे के अंदर पलट दिया है तो रिश्ते में सुधार के लिए वह शर्त रख दी है, जो कभी पूरी नहीं हो सकती है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा है कि जब तक नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के लिए अनुच्छेद 370 को बहाल नहीं कर देता, रिश्ते सामान्य नहीं हो सकती हैं।  

कुरैशी का यह बयान इमरान खान की कैबिनेट के उस फैसले के बाद आया जिसके भारत से कपास और चीनी आयात के निर्णय को पलट दिया गया। एक दिन पहले ही इकॉनमिक कोऑर्डिनेशन कमिटी (ECC) ने इसकी मंजूरी दी थी। लेकिन विपक्ष की ओर से सवाल उठाए जाने के बाद आनन-फानन इमरान सरकार ने कदम पीछे खींच लिए।

इमरान सरकार के फैसले के बाद विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि कैबिनेट में भारत से कपास और धागा आयात के फैसले पर चर्चा हुई और केंद्रीय कैबिनेट ने इस पर रोक लगा दी है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब तक भारत 5 अगस्त 2019 के फैसले को वापस नहीं ले लेता, सामान्य रिश्ते का सवाल ही पैदा नहीं होता।

यह फैसला पाकिस्तान के नए वित्त मंत्री हम्माद अजहर द्वारा बुधवार को की गई उस घोषणा के बाद आया जिसमें उन्होंने अपनी अध्यक्षता में हुई ईसीसी की बैठक के बाद भारत से कपास और चीनी के आयात पर लगे करीब दो साल पुराने प्रतिबंध को वापस लेने की घोषणा की थी।

इस मुद्दे को लेकर दोपहर बाद से ही कयास लग रहे थे लेकिन अधिकारी खामोश थे और अंतत: फैसले को लेकर पहली टिप्पणी मानवाधिकार मामलों की मंत्री शिरीन मजारी की तरफ से आई जिन्हें कश्मीर को लेकर उनके कट्टर रुख के लिये जाना जाता है। प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मजारी ने ट्वीट किया, ''मंत्रिमंडल ने आज स्पष्ट रूप से कहा कि भारत के साथ कोई व्यापार नहीं होगा।''
        
मजारी ने कहा कि 20 मार्च को कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद से पहली बार मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रधानमंत्री इमरान खान ने, “(यह) स्पष्ट किया (कि) भारत के साथ रिश्ते तब तक सामान्य नहीं हो सकते जब तक वे पांच अगस्त 2019 को कश्मीर में की गई कार्रवाई को वापस नहीं ले लेते।''

बाद में विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने एक वीडियो संदेश में कहा, ''ऐसा पेश किया जा रहा है कि भारत के साथ संबंध सामान्य हो गए हैं और व्यापार बहाल हो गया है…। इस रुख पर प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल की सर्वसम्मत राय है कि जब तक भारत पांच अगस्त 2019 की एकतरफा कार्रवाई को वापस नहीं लेता, भारत के साथ संबंध सामान्य होना संभव नहीं है।''

भारत के 5 अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा वापस लिए जाने के बाद से दोनों देशों में व्यापास संबंध ठप हैं। पाकिस्तान की सुई अनुच्छेद 370 पर अटकी हुई है, जबकि भारत कई बार यह साफ कर चुका है कि यह घरेलू मामला है और दूसरे देशों को इस पर टिप्पणी का कोई अधिकार नहीं है। हाल ही में दोनों सेनाओं के बीच संघर्ष विराम को लागू करने पर बनी सहमित, सिंधु जल समझौते पर बातचीत और दोनों देशों के पीएम में चिट्ठी के आदान-प्रदान से यह माना जा रहा था कि रिश्ते सामान्य होने जा रहे हैं।

 

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