Pakistan Dip in Debt Moodys Warning Milk Price Higher Than Petrol in Pakistan - कर्ज में डूब जाएगा पाकिस्तान, यहां दूध की कीमत पेट्रोल से ज्यादा DA Image
12 दिसंबर, 2019|11:54|IST

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कर्ज में डूब जाएगा पाकिस्तान, यहां दूध की कीमत पेट्रोल से ज्यादा

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दुनिया भर के देशों की आर्थिक स्थिति पर नजर रखने वाली एजेंसी मूडीज क्रेडिट रेटिंग ने खस्ताहाल पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को लेकर चेतावनी जारी की है।  मूडीज ने कहा है कि आने वाले दिनों में पाकिस्तान को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही बढ़ते कर्ज के भी डूबने की आशंका है।

पाकिस्तान की विदेशी कर्ज पर बढ़ती निर्भरता और कर्ज भुगतान की घटती क्षमता से वित्तीय संकट पैदा हो हो सकता है। मूडीज ने पाकिस्तान को उन देशों की सूची में शामिल किया है जिनकी कर्ज भुगतान की क्षमता बेहद खराब होती जा रही है।

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मूडीज ने अमेरिका-चीन के बीच चल रहे व्यापार युद्ध, विश्व में राजनीतिक संकट व अन्य चुनौतीपूर्ण हालात के बीच देशों की वित्तीय स्थिरता को लेकर रेटिंग जारी की है। मूडीज के मुताबिक, सबसे ज्यादा जोखिम एशिया प्रशांत, मध्य-पूर्व, उत्तरी अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में है।

श्रीलंका, पाकिस्तान, मिस्त्र, अंगोला और घाना का राजस्व बेहद कम है जबकि उनका कर्ज बहुत ज्यादा है। वहीं पाकिस्तान की रेटिंग बी-3 निगेटिव है जो बेहद चिंताजनक है। गौरतलब है कि पाकिस्तान का कर्ज 6 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।

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महंगाई सबसे ज्यादा : पाकिस्तान में महंगाई इस वक्त सबसे चरम पर है। यहां पर दूध की कीमत भी पेट्रोल से ज्यादा है।

आईएमएफ की कर वापसी शर्त से चूक सकता है
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की ओर से प्रोत्साहन मिलने के बावजूद पाकिस्तान नकदी की संकट से जूझ रहा है। वह पहली तिमाही में करदाताओं को 75 अरब रुपये की कर वापसी की आईएमएफ की शर्त से भी चूक सकता है। आईएमएफ ने शर्त रखी थी कि पाकिस्तान कर वापसी में बेहतर प्रदर्शन करेगा तो संस्था उसका प्राथमिक बजट घाटा कम करने के कड़े लक्ष्यों में लचीला रुख अपना सकती है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आईएमएफ ने पाकिस्तान को छह अरब डॉलर का ऋण दिया था। उससे प्राथमिक बजट घाटे को चालू वित्त वर्ष 2019-20 में कम करके 276 अरब रुपये पर लाने की शर्त रखी थी। पिछले वित्त वर्ष में यह स्तर 1,350 अरब रुपये था। इसका आकलन ब्याज भुगतान को छोड़कर किया गया था।

आईएमएफ के अनुसार पहली तिमाही में प्राथमिक बजट घाटे का लक्ष्य 102 अरब रुपये रखा गया था। जिसमें थोड़ी राहत देते हुए पाकिस्तान सरकार को 75 अरब रुपये से अधिक राशि प्रोत्साहन के तौर पर कर दाताओं को वापस करने की पेशकश की गई थी। 

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