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'अमेरिका से रिश्ते बेहतर करने के लिए पाकिस्तान को रिजल्ट देने की जरूरत'

US Flag (Symbolic Image)

ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि पाकिस्तान और अमेरिका के बीच विश्वास और भरोसे का निर्माण करने के लिए इस्लामाबाद को ''परिणाम" देने की जरूरत है। अमेरिका ने यह भी दोहराया कि परमाणु प्रसार उसकी शीर्ष सुरक्षा चिंताओं में से एक है। विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता रॉबर्ट पलाडिनो ने संवाददाता सम्मेलन में मंगलवार को कहा कि मंत्री (विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ) ने जोर देकर कहा है कि, ''पाकिस्तान को काम करके दिखाने और परिणाम देने की आवश्यकता है ताकि दोनों देशों के बीच विश्वास और भरोसा कायम हो सके। हम एक समृद्ध पाकिस्तान देखना चाहते हैं जो क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा के लिए सकारात्मक योगदान दे।" 

पलाडिनो ने पोम्पिओ के एक हालिया बयान से जुड़े एक सवाल के जवाब में यह बात कही। पोम्पिओ ने पाकिस्तान के परमाणु प्रसार को अमेरिका के लिए तीसरी सबसे बड़ी राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के रूप में चिह्नित किया था। पलाडिनो ने कहा, ''परमाणु प्रसार हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति में व्यक्त सबसे बड़ी राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं में से एक है। यह सूची में सबसे शीर्ष पर है।" उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान के साथ समझौता वार्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

पुलवामा आतंकी हमला: पाकिस्तान ने जैश के बारे में भारत से मांगे और सबूत

वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान ने पुलवामा आतंकवादी हमले में जैश-ए-मोहम्मद के शामिल होने तथा संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकी संगठन के देश में शिविरों की मौजूदगी के संबंध में बुधवार को भारत से और सबूत मांगे हैं। पुलवामा आतंकवादी हमले को घटना बताते हुए विदेश कार्यालय ने कहा कि विदेश सचिव तहमिना जंजुआ द्वारा भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया को विदेश मंत्रालय में बुलाया गया और ''पुलवामा घटना के संबंध में प्रारंभिक निष्कर्ष'' साझा किए गए।

विदेश कार्यालय ने एक बयान में कहा कि पुलवामा हमले पर भारतीय डोजियर की जांच के बाद प्रारंभिक निष्कर्ष भारत के साथ साझा किए गए। भारत ने 27 फरवरी को नयी दिल्ली में पाकिस्तान के कार्यवाहक उच्चायुक्त को डोजियर सौंपा था जिसमें पुलवामा हमले में जैश-ए-मोहम्मद की संलिप्तता का विशिष्ट विवरण था।

विदेश कार्यालय ने कहा, ''हमने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए भारत से और जानकारी/सबूत मांगे हैं।" विदेश कार्यालय ने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत द्वारा विश्वसनीय सबूत दिए जाने पर जांच में सहयोग की पेशकश की थी। इस पेशकश के जवाब में पाकिस्तान को एक दस्तावेज सौंपा गया था।"

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  • Web Title:Pakisran needs to deliver outcomes Says US Robert Palladino