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25 नवंबर, 2020|6:42|IST

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पाकिस्तान में रेप के दोषियों को बना दिया जाएगा नपुंसक, कानून को मिली मंजूरी

पाकिस्तान में महिलाओं और बच्चों के साथ बढ़ते यौन अपराधों से निपटने के लिए संघीय मंत्रिमंडल ने बलात्कार-विरोधी दो अध्यादेशों को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इन अध्यादेशों का उद्देश्य बलात्कार के दोषियों की यौन क्षमता कम करने और उन्हें फांसी जैसा कठोर दंड देना है। 

'डॉन न्यूज' की एक खबर के मुताबिक प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में मंगलवार को इस्लामाबाद में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इन अध्यादेशों को मंजूरी दी गई। खबर में यह भी बताया गया है कि प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में ही हुए एक कैबिनेट मीटिंग में बलात्कार की परिभाषा बदलने का भी फैसला किया गया है। 

पाकिस्तानी सूचना मंत्री शिबली फराज ने कहा कि बलात्कार-विरोधी (जांच और सुनवाई) अध्यादेश 2020 और पाकिस्तान दंड संहिता (संशोधन) अध्यादेश 2020 को एक सप्ताह में अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

"बड़े फैसले" का हवाला देते हुए, फराज ने कहा कि बलात्कार की मूल परिभाषा को बदल दिया गया है और सामूहिक बलात्कार और बलात्कारियों को फांसी की सज़ा देने का सुझाव दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार बलात्कार की परिभाषा को "ट्रांसजेंडर" और "सामूहिक बलात्कार" में शामिल किया गया है।

प्रस्तावित कानून विवादास्पद "टू-फिंगर" परीक्षण पर भी रोक लगाता हैं। इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पहले ही परीक्षण को अवैज्ञानिक, चिकित्सकीय रूप से अनावश्यक और अविश्वसनीय घोषित कर दिया है। मानवाधिकार समूहों ने भी परीक्षण को आक्रामक, अपमानजनक और एक महिला के सम्मान और निजता के अधिकार का घोर उल्लंघन करार दिया है।

मानवाधिकार मंत्री शिरीन मज़ारी ने ट्वीट किया कि विधायी मामलों के निपटान (सीसीएलसी) पर कैबिनेट समिति अब अध्यादेश को अंतिम रूप देगी और इसे अगले कुछ दिनों में लागू हो जाना चाहिए।  

पाकिस्तान के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री फवाद चौधरी ने अध्यादेशों को सरकार की एक ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया। 

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  • Web Title:Pak Cabinet approves in-principle chemical castration hanging of rapists