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New Zealand Shooting: बेरहम ने 74 पन्नों में खींचा खौफनाक मंजर और ले ली 49 लोगों की जिंदगी

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New Zealand Shooting:  बेरहम ब्रेंटन टैरंट ने क्राइस्टचर्च में हुए कत्लेआम का खाका 74 पन्नों में खींचा था। हर पन्ने पर उसने अपने नापाक मंसूबों को लिख दिया था।

खूनी खेल से पहले उसने खुद को एक साधारण, श्वेत इंसान बताया है। उसे बिटकॉइन ट्रेडिंग से काफी पैसे बनाए और उसके बाद 2011 में दुनिया की सैर पर निकल गया। उसने नॉर्थ कोरिया, पाकिस्तान और यूरोप समेत दुनिया के कई देशों की यात्राएं की। टैरंट को जानने वाली एक महिला ने बताया कि पर्सनल ट्रेनर के तौर पर काम करते समय वह अच्छा आदमी दिखता था। ऐसा लगता है कि यात्राओं के दौरान ही ऐसा कुछ हुआ जिससे वह कट्टरपंथी बन गया। 

टैरंट ने इसमें पाकिस्तान की यात्रा का भी जिक्र किया है। उसने लिखा है, एक अविश्वसनीय जगह जहां दुनिया के काफी अच्छे और उदार लोग रहते हैं। अपने मैनिफेस्टो में टैरंट ने कहा है कि उसने दो साल पहले ही हमले की साजिश रची थी लेकिन जगह का चुनाव तीन महीने पहले किया। मुख्य आरोपी ने लिखा है कि उसने पहले एक दूसरे मस्जिद को टारगेट करने की योजना बनाई थी लेकिन बाद में अल नूर और दूसरी मस्जिद को चुना क्योंकि वहां ज्यादा 'घुसपैठिए' थे। 

तीन मिनट पहले पहुंचते तो मस्जिद के भीतर होते 

खालिद मशूद ने बताया कि टीम ‘तीन या चार मिनट पहले ही पहुंची थी’, वे हमले के वक्त मस्जिद के अंदर हो सकते थे। हम शुक्रगुजार हैं कि फायरिंग के बीच में नहीं फंसे लेकिन हमने जो देखा वह किसी फिज्म जैसा था।’

आज हमेंअल्ला ने बचा लिया: बांग्लादेशी क्रिकेटर

बांग्लादेशी क्रिकेटर तमीम इकबाल ने ट्विटर पर लिखा, ‘गोलीबारी में पूरी टीम बाल-बाल बच गई।बेहद डरावना अनुभव था। हमें अपनी दुआओं में जरूर शामिल कीजिएगा।’ईएसपीएन क्रिकइंफो के रिपोर्टर मोहम्मद इस्लाम ने ट्वीट किया, ‘जब फायरिंग हुई, तब टीम मस्जिद में प्रवेश करने ही वाली थी। गोलियों की आवाज से खौफजदा क्रिकेटर हेग्ले पार्क से ओवल की ओर भागने लगे।’ क्रिकेटरमुशफिकर रहीम ने कहा, ‘आज हमें अल्ला ने बचा लिया।’

वह हमलावर पर झपटा और कई लोगों के लिए मसीहा बन गया 

न्यूजीलैंड में हुई गोलीबारी की घटना के प्रत्यक्षदर्शी भारतवंशी फैजल ने कहा कि एक आदमी ने हिम्मत दिखाई और कई लोगों को मरने से बचा लिया। वह हमलावरों पर झपटा और कई लोगों के लिए मसीहा बन गया। फैजल ने बताया कि वह गोलियों की आवाज सुनकर सहम गया था। मस्जिद से निकलने की कोशिश करते वक्त उसने देखा कि एक अज्ञात युवक आया और लोगों को बेपरवाह होकर मौत की नींद सुला रहे हमलावर पर झपटा। उसने उसे कसके पकड़ लिया जिससे हमलावर की बंदूक नीचे गिर गई। 10 साल से न्यूजीलैंड में बसे फैजल ने बताया कि यह मस्जिद छोटी थी और यहां एक दम से शुरू हुई गोलीबारी में खुद को बचाना बेहद मुश्किल था। ऐसे में एक आदमी अचानक हमलावर के सामने आ गया और उसे झपटकर जोर से पकड़ लिया। इस बीच हमलावर की बंदूक गिर गई। इसके बाद हमलावर के पास वहां से भागने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था। अगर ऐसा नहीं होता तो वह और बड़ी तबाही मचा सकता था। 

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  • Web Title:New Zealand Shooting merciless Brenton Tarant make Blueprint in 74 pages and took life of 49 people