होर्मुज पर टोल लगा तो बड़ा झटका लगेगा

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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पश्चिम एशिया की जंग ने नया मोड़ लिया है, जहाँ अमेरिकी राष्ट्रपति ने होर्मुज से निकलने वाले टैंकरों पर 20% टोल की बात कही। इससे भारतीय तेल आयात पर प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का 80 से 85% कच्चा तेल आयात करता है।

होर्मुज पर टोल लगा तो बड़ा झटका लगेगा

नई दिल्ली, एजेंसी। पश्चिम एशिया की जंग ने एक और नया मोड़ ले लिया है। यह खतरनाक मोड़ जंग के मोर्चे से बाहर बैठे भारत और अन्य देशों के लिए बड़ी मुसीबत बनने जा रहा है। सोमवार रात अमेरिकी राष्ट्रपति ने होर्मुज से निकलने वाले टैंकरों पर 20% टोल की बात कही थी। दिनभर इसको लेकर खबरों का बाजार गर्म रहा और कच्चे तेल के दाम में जोरदार उछाल देखा गया। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, विश्लेषकों का अनुमान है कि इस नए टोल से 10 से 26 डॉलर प्रति बैरल तक लागत बढ़ सकती है। बड़े जहाजों के लिए तो यह लागत तीन करोड़ डॉलर तक लागत बढ़ने का अनुमान है। आईएनजी रिसर्च में लॉजिस्टिक्स के सीनियर इकोनॉमिस्ट रिको लुमन ने न्यूयार्क टाइम्स से कहा कि टैंकर कंपनियां फारस की खाड़ी से यूरोप तक तेल पहुंचाने के लिए लगभग 10 डॉलर प्रति बैरल का चार्ज लेती हैं। उन्होंने कहा कि अभी एक बैरल तेल की कीमत लगभग 80 डॉलर है, इसलिए होर्मुज से तेल ले जाने पर ट्रंप की फीस से प्रति बैरल 16 डॉलर और जुड़ सकते हैं। इससे ट्रांसपोर्टेशन का कुल खर्चा 26 डॉलर प्रति बैरल तक हो जाएगा।

भारत पर भी पड़ेगा बड़ा असर

उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े टैंकर जिससे एक बार में 20 लाख बैरल तेल ले जाया जा सकता है, उसकी लागत में तीन करोड़ डॉलर का खर्च और बढ़ सकता है। भारतीय रुपये में तीन करोड़ डॉलर का मतलब हुआ 290 करोड़ रुपये।

भारत पर भी पड़ेगा बड़ा असर

इसका भारत पर भी बड़ा असर पड़ सकता है क्योंकि भारत अपनी जरूरत का 80 से 85% कच्चा तेल आयात करता है। इसमें से 30% कच्चा तेल होर्मुज के रास्ते से ही आता है। आयातित 60% एलपीजी में से 90% होर्मुज से ही आती है। इतना ही नहीं, 30% एलएनजी भी होर्मुज के रास्ते ही आती है। अनुमान लगाया जाए तो 2025-26 में 7.37 करोड़ बैरल कच्चा तेल और 1.90 करोड़ मीट्रिक टन एलपीजी होर्मुज के रास्ते से ही भारत आई थी। ऐसे में अगर 20% टोल लगाया जाता है तो भारतीय तेल कंपनियों को कच्चा तेल मंगाने के लिए ज्यादा कीमत चुकानी होगी। इससे देश का आयात बिल और बढ़ जाएगा और भारत में तेल और गैस की कीमत बढ़ सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

20% टोल लगाने का भारत पर क्या असर पड़ेगा?
यदि 20% टोल लगाया जाता है तो भारतीय तेल कंपनियों को कच्चा तेल मंगाने के लिए ज्यादा कीमत चुकानी होगी, जिससे देश का आयात बिल बढ़ जाएगा और भारत में तेल और गैस की कीमत बढ़ सकती है।
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