राहत सामग्री बिना अनुमति सीमा पार ले जाने पर लगेगा कस्टम शुल्क
नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद राहत सामग्री वितरण हेतु सिंगल विंडो पॉलिसी लागू कर दी गई है। निजी संस्थाएँ बिना सरकारी अनुमति राहत सामग्री नहीं भेज सकेंगी। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कस्टम शुल्क भुगतान अनिवार्य होगा। आवेदन में वाहन नंबर, सामग्री विवरण, मात्रा और वितरण स्थल जैसी जानकारियाँ शामिल होनी चाहिए।

सोनौली (महराजगंज), हिन्दुस्तान संवाद। नेपाल में भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बाद राहत सामग्री वितरण में पारदर्शिता और व्यवस्था बनाए रखने के लिए नेपाल सरकार ने सिंगल विंडो पॉलिसी लागू कर दी है। इसके तहत कोई भी निजी संस्था, सामाजिक संगठन या व्यक्ति बिना सरकारी समन्वय व अग्रिम अनुमति नेपाल में सीधे राहत सामग्री न तो ले जा सकता है न ही भेज सकता है। बिना अनुमति चलाए जाने वाले राहत अभियानों को अवैध मानते हुए सीमा पर रोक दिया जाएगा। कस्टम शुल्क चुकाने के बाद ही राहत सामग्री सीमा पर ले जाने की मंजूरी मिलेगी। बेलहिया कस्टम चीफ हरिहर पौडेल ने बताया कि नेपाल सरकार से अनुमति प्राप्त राहत सामग्री पर कोई कस्टम शुल्क नहीं लिया जाएगा। हालांकि, जिन संस्थाओं ने गृह या विदेश मंत्रालय से पूर्व अनुमति नहीं ली है और राहत सामग्री ले जाना चाहते हैं, उन्हें नियमानुसार भन्सार देना अनिवार्य होगा। बिना आवश्यक कागजात और स्पष्ट विवरण के किसी भी राहत वाहन को प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी。
आवेदन में वाहन नंबर से लेकर जिले तक का ब्योरा जरूरी
नेपाल के गृह मंत्रालय या विदेश मंत्रालय से अनुमति प्राप्त करने के लिए संस्था का नाम, भारत का पता, वाहन संख्या, सामग्री का पूरा विवरण, मात्रा, अनुमानित कीमत और नेपाल के किस जिले में वितरण होना है, इसका स्पष्ट उल्लेख करना होगा। साथ ही यह घोषणा भी करनी होगी कि सामग्री पूर्णतः निःशुल्क सहायता के लिए है। आवेदक एनडीआरआरएमए के टोल-फ्री नंबर 1155 या विदेश मंत्रालय की ईमेल पर संपर्क कर सकते हैं।
सरकारी आवश्यकता सूची में शामिल प्रमुख सामान
नेपाल सरकार एवं एनडीआरआरएमए द्वारा जारी समेकित राहत सूची के अनुसार टेंट, त्रिपाल, कंबल, स्लीपिंग बैग, किचन सेट, सोलर लैंप, बेबी किट, डिग्निटी किट, सेनेटरी पैड, क्लोरीन टेबलेट, सूखा राशन और रेडी-टू-ईट भोजन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त आपदा प्रभावित पहाड़ी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा बहाल करने के लिए 50 से 70 मीटर लंबे बेली ब्रिज को भी अति-आवश्यक सूची में रखा गया है। भारत सरकार द्वारा भी आधिकारिक समन्वय के तहत दवाओं, खाद्य सामग्री व सोलर किट की 5वीं खेप नेपाल भेजी जा चुकी है।


