Hindi Newsविदेश न्यूज़national resistance force leader ahmad masood says we will fight against last drop - International news in Hindi
अजेय हैं हमारे लड़ाके, खून की आखिरी बूंद तक लड़ेंगे; तालिबान के कब्जे के दावे पर गरजे पंजशीर के योद्धा

अजेय हैं हमारे लड़ाके, खून की आखिरी बूंद तक लड़ेंगे; तालिबान के कब्जे के दावे पर गरजे पंजशीर के योद्धा

संक्षेप:

तालिबान ने भले ही पंजशीर पर कब्जे का दावा किया है, लेकिन उससे लोहा लेने वाले नेशनल रेजिस्टेंस फोर्स के नेता अहमद मसूद ने इसे खारिज किया है। मसूद ने तालिबान के खिलाफ जंग जारी रहने की हुंकार भरते हुए...

Sep 06, 2021 06:13 pm ISTSurya Prakash हिन्दुस्तान , काबुल
share Share
Follow Us on

तालिबान ने भले ही पंजशीर पर कब्जे का दावा किया है, लेकिन उससे लोहा लेने वाले नेशनल रेजिस्टेंस फोर्स के नेता अहमद मसूद ने इसे खारिज किया है। मसूद ने तालिबान के खिलाफ जंग जारी रहने की हुंकार भरते हुए कहा कि हम अजेय हैं और तालिबान के खिलाफ आखिरी बूंद तक हमारे लड़ाके जंग करेंगे। मसूद ने कहा कि मैं अपने खून की आखिरी बूंद तक तालिबान से लड़ता रहूंगा। उनका यह बयान तालिबान के दावे के कुछ घंटों के बाद ही आया है, जिसमें उसने कहा था कि पंजशीर पर उन्होंने कब्जा जमा लिया है। 

फेसबुक पेज पर जारी एक ऑडियो संदेश में मसूद ने कहा, 'हमारी फोर्सेज अब भी पंजशीर में मौजूद हैं और तालिबान के खिलाफ जंग जारी है।' इसके अलावा उन्होंने अफगानिस्तान के लोगों से भी तालिबान के खिलाफ जंग में साथ आने की अपील की थी। इससे पहले तालिबान लड़ाकों की ओर से पंजशीर घाटी के गवर्नर हाउस पर तालिबानी झंडा फहराने का वीडियो सामने आया था। तालिबान का कहना है कि उन्होंने पंजशीर पर कब्जा जमा लिया है और अब लड़ाई को रोका नहीं जाएगा। तालिबान के मुताबिक अहमद मसूद ने उनसे सीजफायर और समझौते का प्रस्ताव रखा था, जिसे उन्होंने खारिज कर दिया है।

इसके अलावा अहमद मसूद ने पंजशीर की जंग में पाकिस्तान के भी शामिल होने का आरोप लगाया है। मसूद ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से तालिबान को पंजशीर में मदद की जा रही है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय मूकदर्शक बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की मदद से ही तालिबान ने उनके परिवार के सदस्यों की हत्या कर दी थी। टोलो न्यूज के मुताबिक अहमद मसूद ने कहा, 'सभी देश पंजशीर में पाकिस्तान की संलिप्तता के बारे में जानते हैं, लेकिन चुप हैं। पाकिस्तान ने पंजशीर में सीधे तौर पर अफगानियों पर हमला किया है।'

मसूद बोले, गलत हैं दावे, पहले से भी कट्टर हो गया है तालिबान

यही नहीं तालिबान की ओर से पहले के मुकाबले खुद के बदले होने के दावे को भी मसूद ने खारिज किया। उन्होंने कहा कि तालिबान तनिक भी बदला नहीं है। उसकी बजाय वह और कट्टर, उत्पीड़न करने वाला, अतिवादी और हिंसक हो गया है। इससे पहले नेशनल रेजिस्टेंस फोर्स के फेसबुक पेज पर कहा गया था, 'हमने दो प्यारे भाईयों और साथियों को खो दिया है। फासिस्ट ग्रुप से लड़ते हुए फहीम दश्ति की मौत हो गई है, जो आमिर साहेब अहमद मसूद के ऑफिस के हेड थे। इसके अलावा जनरल साहिब अब्दुल वदूद झोर की भी मौत हो गई है।'

Surya Prakash

लेखक के बारे में

Surya Prakash

दुनियादारी में रुचि पत्रकारिता की ओर खींच लाई। समकालीन राजनीति पर लिखने के अलावा सामरिक मामलों, रणनीतिक संचार और सभ्यतागत प्रश्नों के अध्ययन में रुचि रखते हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रायबरेली के रहने वाले सूर्यप्रकाश को पत्रकारिता जगत में करीब डेढ़ दशक का अनुभव है। 10 वर्षों से ज्यादा समय से डिजिटल मीडिया में कार्यरत हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय एवं राज्यों से संबंधित खबरों का संपादन करते हैं एवं डेस्क इंचार्ज के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। समाचारों के त्वरित प्रकाशन से लेकर विस्तृत अध्ययन के साथ एक्सप्लेनर आदि में भी रुचि रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज प्रकाशित करने और खबरों के अंदर की खबर को विस्तार से समझाने में रुचि रखते हैं। हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को समझते हैं और उसके अनुसार ही पाठकों को खबरें देने के लिए तत्परता रखते हैं।


अकादमिक योग्यता: एक तरफ डेढ़ दशक का सक्रिय पत्रकारिता करियर रहा है तो वहीं दूसरी तरफ सूर्यप्रकाश अकादमिक अध्ययन में भी गहरी दिलचस्पी रखते रहे हैं। पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन और मास्टर्स की पढ़ाई के साथ ही 'हाइब्रिड वारफेयर में मीडिया के इस्तेमाल' जैसे महत्वपूर्ण एवं उभरते विषय पर पीएचडी शोध कार्य भी किया है। पत्रकारिता, समाज, साहित्य में रुचि के अलावा वारफेयर में मीडिया के प्रयोग पर भी गहरा अध्ययन किया है। इसी कारण डिफेंस स्टडीज जैसे गूढ़ विषय में भी वह रुचि रखते हैं। इस प्रकार सूर्यप्रकाश का एक लंबा पेशेवर अनुभव रहा है तो वहीं गहरी अकादमिक समझ भी रही है।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय महत्व के समाचारों में गहरी दिलचस्पी रखते हैं तो वहीं नैरेटिव वारफेयर के बारे में भी गहरा अध्ययन है। खबरों के अंदर की खबर क्या है और किसी भी समाचार के मायने क्या हैं? ऐसी जरूरी चीजों को पाठकों तक पहुंचाने में भी रुचि रखते हैं। लाइव हिन्दुस्तान में बीते 5 सालों से जुड़े हैं और गुणवत्तापूर्ण समाचार देने की मुहिम को बल प्रदान किया है। सूर्यप्रकाश को पाठकों की पसंद को समझने और उसके अनुसार समाचारों के प्रस्तुतिकरण में भी महारत हासिल है। कठिन विषयों को सरल शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने की रुचि है और इसी कारण एक्सप्लेनर आदि भी लिखते हैं।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

;;;