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पार्कर सोलर प्रोब का लांच : सूरज के लिए रवाना होने वाले यान का लांच टला, रविवार को फिर होगी कोशिश

 Nasa spacecraft to touch sun

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का यान पार्कर सोलर प्रोब शनिवार को अपनी ऐतिहासिक यात्रा पर रवाना नहीं हो सका। इस यान का लांच शनिवार को ईस्टर्न डेटाइम के मुताबिक 3.33 तड़के तय किया गया था। इसे बाद में बढ़ाकर 3.53 जिसे 4.28 बजे तक बढ़ाया गया। बाद में तकनीकी कारणों से इसके लांच को रविवार तक बढ़ाने का फैसला किया गया।

यह सूरज के सबसे नजदीक पहुंचने वाला इंसान का बनाया पहला यान होगा। सूरज को छूने के लिए डिजाइन किए गए 1.5  अरब डॉलर का यह अंतरिक्ष यान कार के आकार है और यह सीधे सूर्य के कोरोना के चक्कर लगाएगा। इसे आज नासा के केनेडी स्‍पेस सेंटर से रवाना किया जाएगा। कुछ देर में इसका काउंटडाउन शुरू होने की उम्मीद है। 

11 लाख लोगों के नामों के साथ सूरज का सफर तय करेगा सोलर प्रोब मिशन

इससे पहले पार्कर सोलर प्रोब से जुड़ी टीम ने मौसम को यान के लांच में बाधक बनने की आशंका जताई थी। इसलिए इसके लांच की विंडा 11 अगस्त से 23 अगस्त तक 13 दिनों का रखा गया है। एयरफोर्स की मौसम अधिकारी कैथी राइस ने एक न्‍यूज कॉन्‍फ्रेंस मे बतााया था कि लांच के लिए 65 मिनट का समय होगा।

इस दौरान अगर मिशन लांच नहीं हो पाया तो मुश्‍किल हो सकती है। इस समय के बाद उड़ान भरने पर यान को धरती के चारों ओर मौजूद वैन एलेन बेल्‍ट से परत से नुकसान पहुंचने का खतरा है। इससे पहले 8 अगस्‍त को यान का लांच रिहर्सल अच्‍छा रहा था। शनिवार को लांच असफल होने पर रविवार को एक बार फिर उसी समय के आसपास प्रयास किया जाएगा। 

27 अप्रैल तक नासा को भेजें नाम, आपका नाम सूरज तक पहुंचाएगा स्पेसशिप

अगले कुछ वर्षों में यह यान सूर्य से करीब 61 लाख किलोमीटर दूर से इसके चक्कर लगाएगा। यह दूरी अब तक सूर्य पर भेजे गए सभी शोध यानों से सात गुना कम होगी। ऐसा पहली बार होगा जब कोई यान सूर्य के इतने नजदीक होगा। हर परिक्रमा के साथ ये सूर्य के और नजदीत आता जाएगा। इस शोध यान की लंबाई 9 फीट और 10 इंच है। वहीं इसका वजन 612 किग्रा है। सोलर प्रोब को सूरज के ताप से बचान के लिए इसमें स्पेशल कार्बन कंपोजिट हीट शिल्ड लगाई गई है। इस हीट शिल्ड की मोटाई 11.43 सेमी है।

सूरजः रहस्यों से उठेगा पर्दा, पहली बार सबसे करीब जा रहा 'पार्कर'

नासा के मिशन का उद्देश्य कोरोना के पृथ्वी की सतह पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करना है। स्पेसक्राफ्ट के जरिये कोरोना की तस्वीरें ली जाएंगी और सतह का मापन किया जाएगा। पार्कर सोलर प्रोब की रफ्तार करीब 430,000 मीटर प्रति घंटे होगी। इस रफ्तार से चलें तो वाशिंगटन से टोक्यो  पहुंचने में मात्र एक मिनट का समय लगेगा। इस मिशन का उद्देश्य यह पता लगाना है कि ऊर्जा और गर्मी किस प्रकार सूर्य के चारों ओर अपना घेरा बनाकर रखने में कामयाब होती है।

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  • Web Title:Nasa spacecraft to touch sun will launch on Saturday