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कौन हैं मोहम्मद मुखबिर, जो इब्राहिम रईसी की मौत के बाद बन सकते हैं ईरानी राष्ट्रपति

Who is Mohammad Mokhber: हेलीकॉप्टर क्रैश के बाद ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की मौत हो गई है। ईरानी अधिकारियों ने इस खबर पर मुहर लगा दी है। कौन हैं मोहम्मद मुखबिर जो अगले राष्ट्पति हो सकते हैं।

कौन हैं मोहम्मद मुखबिर, जो इब्राहिम रईसी की मौत के बाद बन सकते हैं ईरानी राष्ट्रपति
Gaurav Kalaएजेंसी,नई दिल्लीMon, 20 May 2024 10:14 AM
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Who is Mohammad Mokhber: हेलीकॉप्टर क्रैश के बाद ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के जिंदा बचने की उम्मीद खत्म हो गई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने ईरानी अधिकारियों के हवाले से इस बात की पुष्टि कर दी है कि रईसी और ईरानी विदेश मंत्री दोनों हादसे में मारे जा चुके हैं। हेलीकॉप्टर में इन दोनों के अलावा सात और लोग सवार थे। इससे पहले ईरान की सरकारी मीडिया ने भी बयान में कहा कि हेलीकॉप्टर के मलबे को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि विमान में सवार कोई भी जिंदा नहीं बचा होगा। इस बीच ईरान में आवाज उठने लगी है कि रईसी के बाद ईरान का अगला राष्ट्रपति कौन होगा? रईसी के जिंदा न बचने पर उपराष्ट्रपति मोहम्मद मुखबिर को ईरान का अंतरिम राष्ट्रपति बनाया जा सकता है।

इब्राहिम रईसी की हवाई यात्रा के दौरान मौत के बाद मोहमद मुखबिर को ईरान का अगला राष्ट्रपति बनाया जा सकता है। हालांकि अभी इस पर आखिरी मुहर लगनी बाकी है। मुखबिर ईरान के मौजूदा उपराष्ट्रपति हैं। राष्ट्रपति की रेस में वो सबसे आगे हैं। ईरानी संविधान के अनुसार, अगर देश के राष्ट्रपति की मृत्यु हो जाती है या वह किसी अन्य कारण से पद नहीं संभाल पा रहा है तो अगले चुनाव होने तक उसे राष्ट्रपति बनाया जा सकता है। ऐसी स्थिति में राष्ट्रपति के लिए अगला चुनाव 50 दिन के भीतर कराना होगा।

कौन हैं मोहम्मद मुखबिर
ईरान में प्रथम उपराष्ट्रपति का पद निर्वाचित नहीं होता है। इसे ईरान के सर्वोच्च अधिकारियों की सहमति के बाद नियुक्ति किया जाता है। इस पद के लिए चुनाव नहीं होते हैं। रईसी ने भी राष्ट्रपति का पदभार संभालने के बाद अगस्त 2021 में मुखबिर को देश का प्रथम उपराष्ट्रपति नियुक्ति किया था। ईरान में एक नहीं बल्कि कई उपराष्ट्रपति होते हैं। ये वे अधिकारी होते हैं, जो सरकार में कैबिनेट का पद संभालते हैं। इसमें मुखबिर सबसे ऊपर हैं। मुखबिर ईरान के सभी उपराष्ट्रपतियों में सबसे ऊंचे पद के नेता हैं। 1989 में ईरानी सरकार ने प्रधानमंत्री पद को समाप्त कर दिया था। जिसके बाद प्रथम उपराष्ट्रपति को प्रधानमंत्री की शक्तियां दी गई थी।

मुखबिर को पसंद नहीं करते पश्चिमी देश
मुखबिर ईरानी अधिकारियों की उस एक टीम का हिस्सा थे, जिन्होंने पिछले साल अक्टूबर में मॉस्को का दौरा किया था और रूस की सेना को सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों और अधिक ड्रोन की आपूर्ति देने में सहमति जताई थी। उनके साथ रूस दौरान करने वाली टीम में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के दो वरिष्ठ अधिकारी और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के एक अधिकारी भी शामिल थे। 2010 में, यूरोपीय संघ ने मुखबिर को उन व्यक्तियों की सूची में शामिल किया था जिन पर परमाणु या बैलिस्टिक मिसाइलों के इस्तेमाल करने का आरोप लगा। इसमें कथित संलिप्तता के लिए मुखबिर पर प्रतिबंध लगाया गया था। हालांकि दो साल बाद, पश्चिमी देशों ने इस सूची से मुखबिर का नाम हटा दिया। 

खामेनेई के विश्वासपात्र
मुखबिर ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई के विश्वासपात्र भी माने जाते हैं। वह खामेनेई से जुड़े निवेश कोष के प्रमुख भी रह चुके हैं। जिसकी स्थापना इस्लामिक गणराज्य के संस्थापक और खामेनेई के पूर्ववर्ती धर्मगुरू अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी ने किया था।