अब सिंगापुर में बजेगा मिथिला का डंका
दरभंगा के सृष्टि फाउंडेशन के कलाकार 23 अगस्त को सिंगापुर में ऋतु चक्र कार्यक्रम में मिथिला के लोक नृत्य जैसे झिझिया, छठ, सामा-चकेवा और होली का प्रदर्शन करेंगे। यह प्रस्तुति ओडिसी नृत्य से शुरू होगी और इसके बाद 12 महीनों के अन्य नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे, जो मिथिला की संस्कृति को दर्शाएंगे।

दरभंगा। सृष्टि फाउंडेशन के वरिष्ठ कलाकार आगामी 23 अगस्त को बिझार सिंगापुर संस्था की ओर से होने वाले ऋतु चक्र कार्यक्रम में मिथिला के प्रसिद्ध लोक नृत्य झिझिया, छठ, सामा-चकेवा और होली नृत्यों के साथ पूरे साल के लोक नृत्यों की प्रस्तुति देंगे। दरभंगा के सृष्टि फाउंडेशन के कलाकार पूर्व में भी अपनी कला का परचम राष्ट्रीय स्तर पर लहरा चुके हैं। फाउंडेशन के संस्थापक एवं ओडिसी नृत्य गुरु जयप्रकाश पाठक के अनुसार सिंगापुर में होने वाले इस कार्यक्रम की शुरुआत ओडिसी नृत्य से होगी। दूसरे चरण के ऋतु चक्र में मिथिला की संस्कृति में रची-बसी कुल 12 महीनों के लोक नृत्यों की समेकित प्रस्तुति होगी।
इसमें कजरी, झिझिया, छठ, सामा-चकेवा और होली आदि से जुड़े लोक नृत्यों की प्रस्तुति होगी। श्री पाठक ने कहा कि देश से बाहर सिंगापुर में पहली बार हो रही यह प्रस्तुति निश्चित रूप से फाउंडेशन के साथ संपूर्ण मिथिला के लिए गौरव की बात होगी। दरभंगा जिले के बच्चे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बार अपनी कला की प्रस्तुति देंगे। इस प्रस्तुति में मिथिला के नौ कलाकारों की टोली सिंगापुर के लिए विदा होगी। गुरु जयप्रकाश पाठक के सानिध्य में सत्यम कुमार झा, सुबोध दास, ऋतु रानी, ऋषिका भारती, अंकिता झा, निशा कुमारी सिंह, विद्या अग्रवाल, श्रुति सिंह आदि अपनी प्रस्तुति देंगे। आकाशवाणी के प्रसिद्ध उद्घोषक दीपक कुमार झा और बिझार सिंगापुर की आराधना की आवाज में ट्रैक की रिकॉर्डिंग हुई है। इसे विशाल कुमार झा के सानिध्य में पूर्ण किया गया है। संवाद शिवम झा शांडिल्य ने लिखा है। संकल्पना, संरचना एवं कार्यक्रम निर्देशन कार्यकारी निदेशक अंजनी कुमार चौधरी के नेतृत्व में तैयार किया गया है।


