यूक्रेन में रूस के हमले के बाद लापता रामचंद्र के परिजनों ने प्रधानमंत्री से लगाई गुहार
यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर ड्रोन हमले के बाद लापता हुए रामचंद्र दुबे का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। उनके पिता ने प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री से अपील की है। परिवार लगातार अधिकारियों से संपर्क कर रहा है, पर कोई ठोस जानकारी नहीं आई। रामचंद्र की मां प्रार्थना कर रही हैं कि उनका बेटा सुरक्षित लौटे।
प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर रूसी ड्रोन हमले के बाद मालवाहक जहाज से लापता हुए नीबी गांव निवासी रामचंद्र दुबे का पांच दिन बाद भी कोई सुराग नहीं लग सका है। बेटे की सलामती के लिए परिजन प्रार्थना कर रहे हैं। सेना से हवलदार पद से सेवानिवृत्त रामचंद्र के पिता रमेश चंद्र दुबे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से बेटे की सुरक्षित तलाश कराने की भावुक अपील की है।
परिवार की स्थिति
रमेश चंद्र दुबे का कहना है कि उन्होंने जीवनभर देश की सेवा की है। उन्हें भरोसा है कि केंद्र सरकार उनके बेटे को खोजने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। बेटे के लापता होने के बाद से परिवार गहरे सदमे में है। माता-पिता टीवी पर न्यूज चैनल पर टकटकी लगाए बैठे हैं। रामचंद्र के चाचा विपिन चंद्र दुबे ने बताया कि मंगलवार को उन्होंने दिल्ली पहुंचकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और आप सांसद संजय सिंह से मुलाकात की और मामले में हस्तक्षेप का अनुरोध किया। परिवार लगातार भारतीय दूतावास, रक्षा मंत्रालय, शिपिंग कंपनी और अन्य संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है। उन्होंने बताया कि सुनैना बॉर्डर के पास दो लोगों के बहते हुए मिलने और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराए जाने की सूचना मिली है। परिवार को उम्मीद है कि उनमें रामचंद्र और बरेली के लापता दीपक गुप्ता हो सकते हैं, हालांकि इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है।
रामचंद्र का संदेश
उधर, घर पर रामचंद्र की मां कल्पना दुबे बेटे की सकुशल वापसी के लिए दिन-रात पूजा-पाठ और प्रार्थना कर रही हैं। बड़ी बहन केजीएमयू में नर्सिंग आफिसर सीमाक्षी दुबे भाई का जिक्र आते ही भावुक हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि चार दिन बीतने के बावजूद कोई सुराग नहीं मिलने से चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। इस बीच रिश्तेदार और शुभचिंतक भी लगातार घर पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।
‘पिताजी, अगले महीने घर आ जाऊंगा...!’
पिताजी से बातचीत
परिजनों के अनुसार, घटना से एक दिन पहले रामचंद्र ने अपने पिता से फोन पर बात की थी। उसने वहां सबकुछ सामान्य होने की जानकारी दी थी। चार जुलाई को चाची का निधन होने की वजह से रामचंद्र ने कहा था कि पिताजी, अगले महीने घर वापस आना है। परिवार के मुताबिक, अगस्त में उसकी घर वापसी तय थी, लेकिन किसे पता था कि कुछ ही दिनों बाद यूक्रेन में हुए ड्रोन हमले के बाद वह लापता हो जाएगा।
विक्रम पटेल की कहानी
दो साल बाद भी विक्रम की तलाश अधूरी
प्रयागराज। कीडगंज के मधवापुर निवासी मर्चेंट नेवी के नाविक विक्रम पटेल दो साल से लापता हैं। विक्रम की वृद्ध मां कमला पटेल ने उनकी तलाश के लिए कंपनी के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिस पर सुनवाई चल रही है। परिजनों के मुताबिक, अगस्त 2023 में रूस के एक बंदरगाह से विक्रम रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे। विदेश मंत्रालय, दूतावास और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाने के बावजूद अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका। परिवार को आज भी उम्मीद है कि विक्रम सुरक्षित हैं और एक दिन घर जरूर लौटेंगे।


