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कश्मीर में स्थिति बहुत दर्दनाक, भारत-पाकिस्तान बातचीत को समर्थन देने के लिए तैयार: मीरवाइज उमर

Separatist leader Mirwaiz Omar Farooq (File Pic)

वरिष्ठ अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक ने रविवार को कहा कि यदि भारत कश्मीर को एक विवाद स्वीकार कर लेता है तो अलगाववादी भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत का समर्थन करने के लिए तैयार हैं।

हुर्रियत कांफ्रेंस द्वारा आयोजित सेमिनार में अलगाववादी संगठन के प्रमुख फारूक ने कहा, "हम ना ही भारत के लोगों के खिलाफ हैं और ना ही विकास के। अगर भारत और पाकिस्तान बातचीत की शुरुआत करते हैं तो हम उसका समर्थन करने को तैयार हैं लेकिन पहले भारत को बुनियादी सच्चाई को देखते हुए यह मानना होगा कि कश्मीर समस्या का सैन्य समाधान से हल नहीं निकल सकता।"

उन्होंने कहा कि हुर्रियत कॉन्फ्रेंस भारत की उन नीतियों के खिलाफ है जो वर्तमान में कश्मीर में लागू की जा रही हैं। उन्होंने पूछा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि नई दिल्ली ने घाटी में शांतिपूर्ण विरोध के सभी रास्तों को बंद कर दिया है। यहां तक कि स्वतंत्रता समर्थक नेताओं को लोगों से मिलने की भी अनुमति नहीं है। हर रास्ते को बंद कर दिया गया है तो विचार कैसे आ सकते हैं।"

फारूक ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने महसूस किया था कि कश्मीर विवाद का एकमात्र संभव समाधान बातचीत प्रक्रिया के जरिए ही हो सकता है। उन्होंने यह भी मांग की कि भारत सरकार को कश्मीर में विभिन्न संगठनों पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाना चाहिए। हुर्रियत नेता ने कहा कि कश्मीर में स्थिति बहुत दर्दनाक है। मीरवाइज ने आशा जताई कि भारत का राजनीतिक नेतृत्व यह समझेगा कि कश्मीर मुद्दा एक हकीकत है जिसका सैन्य हल नहीं हो सकता। 

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  • Web Title:Mirwaiz Umar Farooq Hopeful that new dispensation will introspect Kashmir policy