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क्यों जल्लाद बना गया है ईरान, साल भर में 685 लोगों को दे चुका है फांसी; अब नाबालिग को लटकाया

ईरान में एक 17 साल के नाबालिग को फांसी दे दी गई है। जिस लड़के को फांसी दी गई थी उसने एक झगड़े में एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। ईरानी मानवाधिकार के मुताबिक यह ईरान में 685वीं फांसी थी।

क्यों जल्लाद बना गया है ईरान, साल भर में 685 लोगों को दे चुका है फांसी; अब नाबालिग को लटकाया
Himanshu Tiwariलाइव हिन्दुस्तान,तेहरानSun, 26 Nov 2023 01:53 AM
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ईरान में एक 17 साल के नाबालिग को फांसी दे दी गई है। ईरान ह्यूमन राइट्स के अनुसार, हामिद्रेजा अजारी नाम के लड़के को ईरान के खुरासान-ए रजावी प्रांत में स्थित सब्जेवर जेल में फांसी दे दी गई। रिपोर्ट्स की मानें तो मई में अजारी 16 साल का था जब उसने एक झगड़े में एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। कई मानवाधिकार संगठनों का मानना है कि ईरान द्वारा नाबालिग को दी गई फांसी बाल अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन के कानूनों का उल्लंघन है। ईरान मानवाधिकार के मुताबिक यह साल भर में ईरान में दी गई 685 वीं फांसी थी।

ईरानी मानवाधिकार समूह का आरोप है कि ईरानी मीडिया ने अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन के लिए जवाबदेही से बचने के प्रयास में जानबूझकर हामिद्रेजा अजारी की उम्र 18 साल बताई। हामिद्रेजा अजारी अपने परिवार में इकलौता बच्चा था और वह स्क्रैप वर्कर के रूप में काम किया करता था। मानवाधिकार समूहों ने कहा कि अपराध के समय वह 16 साल का था और फांसी के समय 17 साल का था। इस साल मई में एक विवाद में एक व्यक्ति की हत्या के लिए हमिद्रेजा अजारी को कथित तौर पर मौत की सजा सुनाई गई थी। मानवाधिकार समूहों ने कहा कि यह फांसी ईरान द्वारा बाल अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन के नियमों का उल्लंघन है। कन्वेंशन 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को बच्चे के रूप में परिभाषित करता है।

15 साल में ही दे दी जाती है फांसी

रिपोर्ट्स बताती हैं कि ईरान उन कुछ देशों में से एक है जो बच्चों को भी मौत की सजा देता है। खास बात यह भी है कि किसी भी अन्य देश की तुलना में ईरान में अधिक नाबालिगों को फांसी की सजा दी जाती है। एक आंकड़े के अनुसार, 2010 से अब तक ईरान में कम से कम 68 नाबालिगों को फांसी दी गई है। ईरान में 18 साल की उम्र में ड्राइविंग लाइसेंस दी जाती है, मगर फांसी देने के लिए वहां 15 साल की आयु मुकर्रर की गई है। बीते गुरुवार को ईरान में 20 साल के एक युवक को फांसी दे दी गई।

पिछले साल 582 लोगों को दी गई फांसी

इस्लामिक देश ईरान में पिछले साल कम से कम 582 लोगों को फांसी दी गई, यह 2015 के बाद से देश में सबसे ज्यादा फांसी की सजा थी। 2021 में ईरान में 333 लोगों को फांसी की सजा दी गई। 2023 का यह 11 वां महीना चल रहा है, मानवाधिकार संगठन के मुताबिक इस साल अब तक 685 लोगों को फांसी के जरिए मौत दी जा चुकी है, जो अपने आप में ही एक रिकॉर्ड है। 

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