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भारत में जो दवा मिल रही ₹321 में, पाक में उसकी कीमत 3500 रुपये, पड़ोसी देश में 5 गुना अधिक दाम

Pakistan Medicine Crisis: DRAP द्वारा आधिकारिक तौर पर साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार,उसकी टीमों ने कराची के डीएचए, गुलशन-ए-इकबाल, गुलिस्तान-ए-जौहर और अन्य क्षेत्रों के विभिन्न मेडिकल स्टोरों पर छापेमार

भारत में जो दवा मिल रही ₹321 में, पाक में उसकी कीमत 3500 रुपये, पड़ोसी देश में 5 गुना अधिक दाम
Pramod Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीMon, 20 Nov 2023 10:46 AM
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पड़ोसी देश पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति अब भी खस्ताहाल है। आलम यह है कि वहां जीवनरक्षक दवाएं भी पांच गुना ज्यादा कीमत पर मिल रही हैं। पाकिस्तान के मशबूर अखबार डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कराची में ड्रग रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ पाकिस्तान (DRAP) की कार्रवाई से पता चला है कि फार्मेसी और मेडिकल स्टोर प्राधिकरण द्वारा तय अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से पांच गुना अधिक कीमतों पर दवाएं बेची जा रही हैं।

कार्यवाहक स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नदीम जान के निर्देशों के बाद, प्राधिकरण ने देश भर में दवा मुनाफाखोरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है और थोक विक्रेताओं, वितरकों, फार्मेसियों और मेडिकल स्टोरों के गोदामों पर छापेमारी की जा रही है। साफ है कि पाकिस्तान में भी काला बाजार करने वाले आपदा में अवसर तलाश रहे हैं।

DRAP नियमों के मुताबिक, फार्मास्युटिकल कंपनियां एमआरपी से कम कीमत पर दवाएं बेच सकती हैं, लेकिन एमआरपी से अधिक नहीं। कीमतें बढ़ाने के लिए, फार्मास्युटिकल कंपनियों को DRAP के पास आवेदन देना होता है कि दवाओं की उत्पादन लागत बढ़ गई है और मौजूदा एमआरपी के भीतर दवाएं बेचना उनके लिए व्यवहार्य नहीं है। इसलिए उसकी कीमतें बढ़ाई जाएं लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है और दवाइयां पांच से ज्यादा गुनी कीमत पर बेची जा रही हैं।

कराची में 800 की दवा 3500 रुपये में
DRAP द्वारा आधिकारिक तौर पर साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, उसकी टीमों ने कराची के डीएचए, गुलशन-ए-इकबाल, गुलिस्तान-ए-जौहर और अन्य क्षेत्रों के विभिन्न मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पता चला कि ब्लड क्लॉटिंग की दवा हेपरिन इंजेक्शन, जिसकी MRP 800 रुपये है, उसे 3,500 रुपये में बेचा जा रहा था।

भारत से 11 गुना ज्यादा महंगी
यह भारत के मुकाबले 11 गुना ज्यादा है। भारत में इस इंजेक्शन की MRP 321 रुपये है। MRP के मामले में भी पाकिस्तान में इस दवा की कीमत ढाई गुना ज्यादा है। पाक स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, इसी तरह, एक दर्द निवारक दवा ट्रामल इंजेक्शन, एंटीबायोटिक ऑगमेंटिन डीएस सस्पेंशन और हाइड्रिलिन कफ सिरप "एमआरपी से अधिक दरों पर बेचे जा रहे थे।"

उन्होंने कहा कि वेंटोलिन इनहेलर और टेग्रल टैबलेट (मिर्गी और बाइपोलर डिसऑर्डर या मूड डिसऑर्डर वाले रोगियों के लिए अनुशंसित) भी ऊंची कीमतों पर बेची जा रही थीं।

हाल-ए-लाहौर
अधिकारी ने कहा कि यही हाल लाहौर का भी है। वहां भी इसी तरह की कार्रवाई के दौरान पता चला कि मेडिकल स्टोर ट्यूबरोक्लोसिस (टीबी), मिर्गी, कैंसर और अन्य जीवन रक्षक दवाओं के लिए अधिक कीमत वसूल रहे थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि लाहौर में मिर्गी के लिए अनुशंसित टेग्रल टैबलेट का एक पैकेट एमआरपी पर 260 रुपये में बेचा जाना चाहिए, लेकिन इसे 1,300 रुपये और कुछ स्थानों पर 1,400 रुपये में बेचा जा रहा था। रिवोट्रिल [शिशुओं, बच्चों और वयस्कों में दौरे के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है] की एमआरपी 800 रुपये है, लेकिन इसे 1,000 रुपये में बेचा जा रहा था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ज़ेनैक्स के एक पैकेट (चिंता और घबराहट संबंधी विकारों के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है) की एमआरपी 278 रुपये है, लेकिन इसे 1,400 रुपये में बेचा जा रहा था। अल्ट्राविस्ट इंजेक्शन [एक्स-रे पर गुर्दे, मूत्राशय, हृदय, रक्त वाहिकाओं या रीढ़ की हड्डी जैसे अंगों को स्पष्ट रूप से दिखाने के लिए उपयोग किया जाता है] की एमआरपी 3,418 रुपये है, लेकिन इसे 6,500 रुपये में बेचा जा रहा था।'

अधिकारी ने कहा कि बलूचिस्तान में कार्रवाई के दौरान प्रतिबंधित सीरिंज की एक खेप भी जब्त की गई। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. जान ने कहा कि सरकार द्वारा अनुमोदित दरों से अधिक पर दवाएं बेचने वाले मेडिकल स्टोर मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।