रिपोर्ट : समुद्र की बढ़ती गर्मी इंसानों के लिए भी खतरा
समुद्र की बढ़ती गर्मी जीवों के साथ-साथ इंसानों के लिए भी बड़ा खतरा बनती जा रही है। यह दावा एक नई रिपोर्ट में किया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि समुद्री हीटवेव के कारण हानिकारक शैवाल के बढ़ने की घटनाएं अधिक आम हो रही हैं, जिससे भोजन की उपलब्धता और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

समुद्र की बढ़ती गर्मी जीवों के साथ-साथ इंसानों के लिए भी बड़ा खतरा बनती जा रही है। इसका असर इंसानों की शारीरिक और मानसिक सेहत पर भी पड़ रहा है। यह दावा एक नई रिपोर्ट में किया गया। ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड विश्वविद्यालय और हांगकांग विश्वविद्यालय की रिपोर्ट नेचर सस्टेनेबिलिटी पत्रिका में प्रकाशित हुई। शोधकर्ताओं ने कहा कि समुद्री गर्मी यानी समुद्र की सतह का तापमान लंबे समय तक सामान्य से काफी अधिक रहता है और इसे ही समुद्री हीटवेव कहा जाता है। समुद्र का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ने से मौसम की घटनाएं और ज्यादा खतरनाक हो सकती हैं। इससे तूफान और बाढ़ के कारण चोट लगने, मौत होने और लोगों के विस्थापित होने का खतरा बढ़ सकता है। इससे समुद्री भोजन की उपलब्धता कम हो सकती है और समुद्र के किनारे रहने वाले लोगों में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं。
पहले से ज्यादा और लंबे समय तक रह रही है हीटवेव
धरती का तापमान लगातार बढ़ने के साथ समुद्री हीटवेव पहले से ज्यादा बार आ रही हैं, ज्यादा लंबे समय तक रह रही हैं और ज्यादा तेज हो रही हैं। इन अत्यधिक गर्म समुद्री घटनाओं का संबंध पहले ही समुद्री जीवों की बड़े पैमाने पर मौत, बड़े स्तर पर चट्टानों के सफेद होने, जहरीले शैवाल के बढ़ने और मछली पकड़ने तथा मछली पालन के काम में बड़ी बाधाओं से जुड़ चुका है। शोधकर्ताओं ने कहा कि समुद्री हीटवेव के कारण हानिकारक शैवाल के बढ़ने की घटनाएं ज्यादा आम होने की आशंका है। ये शैवाल समुद्री भोजन को दूषित कर सकते हैं और लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। समुद्री भोजन का उत्पादन घटने से दुनिया भर में अरबों लोगों की खाद्य सुरक्षा पर खतरा पैदा हो सकता है।


