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इजरायली नागरिकों की मालदीव में एंट्री पर लगा बैन, गाजा युद्ध को लेकर मुइज्जू सरकार का बड़ा कदम

मालदीव में हर साल 10 लाख से अधिक पर्यटक आते हैं। इसमें इजरायल से लगभग 15,000 पर्यटक शामिल हैं। मंत्रिमंडल ने उन क्षेत्रों की पहचान करने के लिए विशेष दूत नियुक्त करने का भी फैसला किया है।

इजरायली नागरिकों की मालदीव में एंट्री पर लगा बैन, गाजा युद्ध को लेकर मुइज्जू सरकार का बड़ा कदम
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Niteesh Kumarएजेंसी,मालेMon, 03 Jun 2024 12:12 AM
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मालदीव ने इजरायली पासपार्ट धारकों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली पासपोर्ट धारकों को मालदीव सरकार हिंद महासागर द्वीपसमूह में प्रवेश करने से प्रतिबंधित करेगी। इसके लिए कानूनों में संशोधन करने का रविवार को निर्णय लिया गया। यह फैसला गाजा पर इजरायली सेना की ओर से किए गए हमलों को लेकर मालदीव में बढ़ते जनाक्रोश के बीच लिया गया है। 

न्यूज पोर्टल सन. एमवी की खबर के अनुसार, राष्ट्रपति कार्यालय में आपातकालीन प्रेस वार्ता में गृह मंत्री अली इहुसन ने इस फैसले की घोषणा की। उन्होंने कहा, ‘मंत्रिमंडल ने इजरायली पासपोर्ट पर मालदीव में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के लिए आवश्यक कानूनी संशोधन जल्द से जल्द करने का आज फैसला किया।’ समाचार पोर्टल ने कहा कि मंत्रिमंडल ने इस प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए मंत्रियों की विशेष समिति गठित की है।

मालदीव में हर साल आते हैं 10 लाख से अधिक पर्यटक 
मालूम हो कि मालदीव में हर साल 10 लाख से अधिक पर्यटक आते हैं। इसमें इजरायल से लगभग 15,000 पर्यटक शामिल हैं। मंत्रिमंडल ने उन क्षेत्रों की पहचान करने के लिए विशेष दूत नियुक्त करने का भी फैसला किया है, जिनमें फिलिस्तीन को मालदीव से सहायता की आवश्यकता है। दूसरी ओर, भारत मालदीव में 2.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर की लागत वाली 65 सामुदायिक विकास परियोजनाओं की मदद कर रहा है और उनके कार्यान्वयन में लगातार प्रगति हुई है। भारतीय उच्चायोग ने यह जानकारी दी।

नवंबर 2023 तक भारत सरकार की ओर से मंजूर अनुदान सहायता के तहत मालदीव में 47 महत्वपूर्ण सामुदायिक विकास परियोजनाओं में से 8 पहले ही पूरी हो चुकी हैं। भारतीय उच्चायोग ने कहा कि हाल के दिनों में राजनयिक विवाद के बावजूद भारत इस द्वीपीय देश में 36 करोड़ एमवीआर (2.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर) की लागत वाली 65 सामुदायिक विकास परियोजनाओं की मदद कर रहा है। हालांकि, अनुदान भारत सरकार की ओर से दिया जा रहा है, लेकिन परियोजनाओं का चयन मालदीव सरकार द्वारा निर्धारित प्राथमिकता के क्रम में किया जाता है।