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1 जनवरी, 2021|7:56|IST

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पाकिस्तान में डेनियल पर्ल के हत्यारों को रिहा नहीं करने पर याचिका दाखिल, अलकायदा नेता उमर शेख है मुख्य आरोपी

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1 / 2Daniel pearl

british born al qaeda terrorist sheikh omar   reuters file photo

2 / 2British born Al Qaeda Terrorist Sheikh Omar. (Reuters File Photo)

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अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल को अगवा कर उनकी हत्या करने के मामले में अलकायदा के नेता अहमद उमर सईद शेख और उसके 3 सहयोगियों को जेल से रिहा नहीं करने पर वकीलों ने अदालत में एक याचिका दाखिल की है। पर्ल की हत्या के मामले में चारों की दोषसिद्धि को अदालत ने पिछले महीने खारिज कर दिया था।

सिंध उच्च न्यायालय के दो न्यायाधीशों की पीठ ने 24 दिसंबर को सुरक्षा एजेंसियों को शेख और अन्य आरोपियों को आगे किसी भी प्रकार से हिरासत में नहीं रखने का निर्देश दिया था और उनकी हिरासत के संबंध में सिंध सरकार की सभी अधिसूचना को अमान्य घोषित कर दिया था। हालांकि प्रांतीय और जेल प्रशासन ने आरोपियों को अब तक रिहा नहीं किया है।

मामले में चारों आरोपियों के वकीलों ने गुरुवार को सिंध उच्च न्यायालय में याचिका दायर की और प्रांतीय सरकार तथा जेल अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया। इस पर अदालत ने दोनों प्राधिकारों को 7 जनवरी को सुनवाई के दौरान मौजूद रहने का नोटिस जारी किया है।

अप्रैल में सिंध उच्च न्यायालय में दो न्यायाधीशों की पीठ ने शेख की मौत की सजा को सात साल कारावास में बदल दिया था। अदालत ने मामले में उम्रकैद काट रहे शेख के तीन सहयोगियों को भी बरी कर दिया। हालांकि, सिंघ सरकार ने उन्हें रिहा करने से इनकार कर दिया और लोक व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें हिरासत में रखा है। उन्हें हिरासत में रखने को सिंध उच्च न्यायालय में चुनौती दी गयी है क्योंकि पिछले सप्ताह अदालत ने उन्हें रिहा करने का आदेश दिया था।

'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' के दक्षिण एशिया के 38 वर्षीय ब्यूरो प्रमुख पर्ल का पाकिस्तान में 2002 में अपहरण कर लिया और उनकी गर्दन काटकर हत्या कर दी गई। उस समय पर्ल देश की शक्तिशाली खुफिया एजेंसी आईएसआई और अल-कायदा के बीच संबंधों को लेकर एक खबर पर काम कर रहे थे। न्यायमूर्ति मुशीर आलम की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ शेख को रिहा करने के खिलाफ मारे गए पत्रकार के परिवार और सिंध सरकार की अपील पर सुनवाई कर रही है। पर्ल के लिए न्याय की मांग करते हुए अमेरिका पाकिस्तान पर दबाव बनाए हुए है।

भारत ने 1999 में एअर इंडिया की उड़ान 814 के अपहृत 150 यात्रियों के बदले शेख समेत तीन आतंकियों जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर और मुश्ताक अहमद जरगर को रिहा कर किया था। इस रिहाई के तीन साल बाद ही पर्ल की हत्या हुई। भारत में विदेशी पर्यटकों के अपहरण के मामले में शेख को जेल की सजा सुनाई गई थी।

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  • Web Title:Lawyers file petition against refusal of Pakistan authorities to release Daniel Pearl killers