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20 अप्रैल, 2021|8:32|IST

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किसान आंदोलन: लंदन में भारतीय दूतावास के बाहर प्रदर्शनकारियों ने लहराए खालिस्तानी झंडे, की भारत विरोधी नारेबाजी

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केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानून के खिलाफ जारी आंदोलन में दूसरे देशों की भी एंट्री हो गई है। लंदन में भारतीय दूतावास के बाहर कृषि कानूनों का विरोध कर रहे कुछ लोगों ने खालिस्तान के झंडे लहराए। इसके अलावा, कुछ लोगों ने भारत विरोधी नारेबाजी भी की। 

न्यूज एजेंसी एएनआई ने वीडियो शेयर कर बताया है कि लंदन में स्थित भारतीय दूतावास के बाहर कुछ लोगों ने कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इसी दौरान, किसानों के समर्थन में नारेबाजी हुई। न्यूज एजेंसी ने दावा किया है कि वहां प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों ने भारत विरोधी नारे लगाए। दूतावास के बाहर बड़ी संख्या में लोगों के इकट्ठे होने की वजह से लंदन की पुलिस को भी वहां सुरक्षा बढ़ानी पड़ी।

दुनिया के अन्य देशों तक पहुंचा आंदोलन

कृषि कानूनों के खिलाफ जारी आंदोलन धीरे-धीरे देश से निकलकर विदेशों तक भी पहुंचता जा रहा है। दुनियाभर में रह रहे सिख और पंजाबी लोग किसान आंदलोन से जुड़ते जा रहे हैं। वहीं, ब्रिटेन के भारतीय मूल और पंजाब से संबंध रखने वाले 36 सांसदों ने कृषि बिलों को लेकर पीएम मोदी के साथ ये मुद्दा उठाने की बात कही हैं। सांसदों ने विदेश सचिव डॉमिनिक रैब को लिखा है कि वे किसान आंदोलन को लेकर पीएम मोदी से चर्चा करें। लेबर सांसद तन्मनजीत सिंह ढेसी द्वारा समन्वित, पत्र में राब के साथ एक तत्काल बैठक की मांग की गई थी। पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले नेताओं में लेबर, कंजरवेटिव और स्कॉटिश नेशनल पार्टी के पूर्व श्रम नेता जेरेमी कॉर्बिन, वीरेंद्र शर्मा, सीमा मल्होत्रा, वैलेरी वाज़, नादिया व्हिटोम, पीटर बॉटमली, जॉन मैककॉनेल, मार्टिन डॉकर्टी-ह्यूजेस और एलिसन थेवलिस शामिल हैं।

अमेरिका के शहरों में सिख-अमेरिकियों ने विरोध रैलियां निकालीं

भारतीय किसानों के समर्थन में अमेरिका के कई शहरों में सैकड़ों सिख अमेरिकियों ने शांतिपूर्वक विरोध रैलियां निकालीं। कैलिफोर्निया के विभिन्न हिस्सों के प्रदर्शनकारियों के सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्यदूतावास की ओर बढ़ने वाली कारों के बड़े काफिले ने शनिवार को 'बे ब्रिज पर यातायात बाधित कर दिया। इसके अलावा सैकड़ों प्रदर्शनकारी इंडियानापोलिस में एकत्र हुए थे। इंडियाना निवासी प्रदर्शनकारी गुरिंदर सिंह खालसा ने कहा कि किसान देश की आत्मा हैं। हमें अपनी आत्मा की रक्षा करनी चाहिए। अमेरिका और कनाडा के कई शहरों समेत दुनियाभर में लोग उन विधेयकों (कानूनों) के खिलाफ एकजुट हुए हैं, जो भारत के कृषि बाजार को निजी क्षेत्र के लिए खोल देंगे, जो बड़े कॉरपोरेट घरानों को स्वतंत्र कृषि समुदायों का अधिग्रहण करने की अनुमति देंगे और इससे फसलों के बाजार मूल्य में कमी आएगी। 

8 दिसंबर को किसानों ने बुलाया है 'भारत बंद'

किसानों ने 8 दिसंबर को भारत बंद का ऐलान किया है। इसके लिए किसान संगठनों ने कमर कस ली है। विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थन से भी किसान संगठन उत्साहित हैं। किसानों के समर्थन में भारत बंद का सपोर्ट करने के लिए सरकार के खिलाफ विभिन्न राजनीतिक दल भी उतर आए हैं। कांग्रेस, टीआरएस, शिवसेना, आम आदमी पार्टी समेत कई दलों ने किसानों के भारत बंद का समर्थन किया है।

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  • Web Title:Kisan Andolan: protesters waved Khalistani flags outside the Indian embassy in London shouting anti-India slogans