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24 जनवरी, 2020|7:55|IST

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ब्रिटेन में कश्मीर मुद्दे पर लड़ा जा रहा चुनाव, 12 को वोटिंग और 13 को आएंगे नतीजे

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ब्रिटेन में गुरुवार को आम चुनाव है। माहौल में गर्मी और जोश महसूस होने लगा है। यहां चुनाव में बेरोजगारी, गरीबी, ब्रैक्जिट और टैक्स आदि बड़े मुद्दे हैं, लेकिन इन सब पर कश्मीर मुद्द भारी पड़ रहा है। ब्रिटेन का दूसरा सबसे बड़ा शहर मैनचेस्टर और दक्षिण एशियाई लोगों की सबसे बड़ी आबादी वाला शहर ब्रैडफर्ड में कश्मीर का जिक्र ना हो तो बहस अधूरी रह जाती है।

यहां मंदिर-मस्जिद से लेकर घर या फिर किसी चुनावी अभियान में कश्मीर को नजरअंदाज करना मुश्किल हो गया है। ये दोनों शहर लेबर पार्टी के गढ़ रहे हैं, लेकिन इस बार यहां दोनों पार्टियों में मुकाबला कांटे का है। यह आम चुनाव इसलिए भी दिलचस्प है कि इस बार प्रवासी भारतीय पहले से कहीं अधिक अहम भूमिका निभा रहे हैं।

भारत विरोधी रवैये से नाराज भारतीय
कश्मीर पर लेबर पार्टी के रवैये को भारत विरोधी माना जा रहा है। सितंबर में पार्टी ने लेबर पार्टी ने कश्मीर में कथित तौर पर मानवाधिकार की बहाली पर एक प्रस्ताव पास किया था। इसमें अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों को कश्मीर जाकर वहां के हालात का जायजा लेने के लिए कहा गया था। लेबर पार्टी के इस प्रस्ताव को लेकर ब्रिटेन के भारतीय समुदाय में खासी नाराजगी देखी गई थी। इसके बाद  लेबर पार्टी को सफाई देनी पड़ गई कि वह कश्मीर को भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मुद्दे मानती है।

वर्ष 1974 में दिल्ली से आकर ब्रैडफर्ड में बसने वाले राकेश शर्मा ने कहा कि यहां लेबर पार्टी के अधिकतर सांसद पाकिस्तानी मूल के हैं। सांसदों का कहना है कि भारत ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया है, वह गैर कानूनी है। वहीं भारतीय मूल के लोगों को मानना है कि लेबर पार्टी का झुकाव मुसलमानों की तरफ ज्यादा है, जोकि भारतीयों के पक्ष में नहीं है।

जलियांवाला बाग को बनाया मरहम
प्रवासी भारतीय को मनाने के लिए लेबर पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में वादा किया कि अगर वह सत्ता में आती है, तो जलियांवाला बाग हत्याकांड के लिए औपचारिक रूप से माफी मांगेगी। इसके अलावा वादा किया कि जीतने पर स्कूलों के पाठ्यक्रम में ‘ब्रिटिश राज के अत्याचारों’ की पढ़ाई को भी शामिल किया जाएगा।

जॉनसन के भारत समर्थन के बाद बदले समीकरण
कंजरवेटिव पार्टी के नेता और ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने संसद में कहा था कि कश्मीर भारत का अंदरूनी मामला है, तो उसमें हमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। जॉनसन के कश्मीर मुद्दे पर भारत का करने के बाद बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग उनके समर्थन में आ गए हैं। इसके बाद से विशेषज्ञों का मानना है कि प्रवासी भारतीय कंजरवेटिव पार्टी का समर्थन करेंगे।

मंदिर-मस्जिद
हाल ही में जॉनसन ने अपनी महिला मित्र कैरी सायमंड्स के साथ प्रसिद्ध स्वामीनारायण मंदिर जाकर अपना पहला आधिकारिक अभियान शुरू किया। इस दौरान सायमंड्स चटक गुलाबी रंग की सिल्क की साड़ी में नजर आईं थी। यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी वह कई बार चुनाव के समय मंदिर-मस्जिद और गुरुद्वारे जाते रहे हैं।

जॉनसन के प्रचार में हिंदी गाना
कंजर्वेटिव पार्टी के भारतवंशी उम्मीदवार और पूर्व सांसद शैलेस वारा ने एक वीडियो ट्वीट किया है। इसमें हिंदी गीत सुनाई देता है, जिसमें जॉनसन को जिताने की बातें सुनाई देती हैं। वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बोरिस जॉनसन की तस्वीरें भी दिखाई देती हैं। गीत के बोल कुछ यों हैं... जागो...जागो...जागो, चुनाव फिर से आया है बोरिस को हमें जिताना है, इस देश को आज बचाना है, कुछ करके हमें दिखाना है...। हालांकि, अभी तक वीडियो को बोरिस जॉनसन या कंजर्वेटिव पार्टी के ऑफिशियल हैंडल से शेयर नहीं किया है।

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  • Web Title:Kashmir issue raised in UK elections voting held on 12 and results on 13 dec