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अपनी मर्जी से नहीं बनी जिदाही दुल्हन, शमीमा की वकील ने बताया कैसे पहुंची ISIS के गढ़

लाइव हिन्दुस्तान ,लंदनPublished By: Sudhir Jha
Fri, 18 Jun 2021 10:17 PM
अपनी मर्जी से नहीं बनी जिदाही दुल्हन, शमीमा की वकील ने बताया कैसे पहुंची ISIS के गढ़

15 साल की उम्र में इंग्लैंड से भागकर सीरिया में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के आतंकियों के गढ़ में पहुंची शमीमा बेगम को उसकी वकील ने बच्चों के अवैध व्यापार की शिकार बताया है। अब 21 साल की हो चुकी शमीमा को 'जेहादी दुल्हन' के नाम से भी जाना जाता है। सीरिया के एक कैंप में रह रही शमीमा ब्रिटिश नागरिकता दोबारा हासिल करने के लिए जंग लड़ रही है।

द सन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शमीमा बेगम ने हाल ही में दावा किया था कि जब उसने ISIS को जॉइन किया था तो नासमझ बच्ची थी। उसने यह भी कहा कि दोबारा उन लोगों से दोस्ती नहीं चाहती, जिन्हें हो छोड़ चुकी है। स्पेशल इमीग्रेशन अपील्स कमीशन कि (SIAC) में सुनवाई के दौरान शमीमा के वकील ने कहा कि नागरिकता छीनने से पहले गृह विभाग की जिम्मेदारी थी कि इस बात की जांच की जाए। 

सामानथा नाइट्स ने कहा, ''जब उसने यूके छोड़ा तो आतंकवाद रोधी इकाई को 'जबरन और नियंत्रण' का संदेह था।'' उन्होंने दलील दी कि इससे ट्रैफिकिंग के मुद्दे की जांच की जरूरत बढ़ जाती है। शमीमा की लीगल टीम ने लिखित में कहा है कि गृह विभाग ने यह विचार करने में असफल रहा कि क्या वह चाइल्ड ट्रैफिकिंग की शिकार थी और सीरिया यौन शोषण और जबरन विवाह के लिए ले जाया गया।'' 

हालांकि, गृहविभाग के वकीलों ने कहा कि बेगम को दोबारा दलील बदलने की अनुमति ना दी जाए। डेविड ब्लंडेल ने कहा कि बेगम ने खुद कभी नहीं कहा कि उसका व्यापार हुआ, जबकि उसने कई इंटरव्यू दिए और अपनी बात रखी। शमीमा के साथ तीन अन्य लड़कियों की नागरिकता भी छीन ली गई थी, जो आईएस आतंकियों के पास गईं थीं। 2015 में स्कूल से भागकर सीरिया पहुंची शमीमा ने ISIS लड़ाके से शादी कर ली थी और उसके तीन बच्चे भी हुए थे, जिनकी बाद में मौत हो गई।

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