पर्सा में जापानी एन्सेफलाइटिस का प्रकोप: 4 संक्रमित मिले, 1 की मौत; स्वास्थ्य महकमा अलर्ट
नेपाल के पर्सा जिले में जापानी एन्सेफलाइटिस (जेई) तेजी से फैल रहा है। 14 संदिग्ध मरीजों में से 4 की पुष्टि हुई, इनमें से एक की मौत हो चुकी है। पिछले डेढ़ महीने में जेई से 21 मरीजों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य अधिकारी टीकाकरण को बचाव का सबसे प्रभावी साधन मानते हैं।

रक्सौल। नेपाल के सीमावर्ती पर्सा जिले में जापानी एन्सेफलाइटिस (जेई) का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। जिला स्वास्थ्य कार्यालय पर्सा के सूचना अधिकारी जयमोद ठाकुर के अनुसार 14 संदिग्ध मरीजों की जांच में 4 लोगों में जेई की पुष्टि हुई है। इनमें से एक मरीज की काठमांडू में इलाज के दौरान मौत हो चुकी है, जबकि दूसरे मरीज का इलाज वीरगंज में जारी है। मामले सामने आने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। बीते डेढ़ महीने में नेपालभर में जेई से 21 मरीजों की मौत हो चुकी है और 59 लोग संक्रमित हैं। मधेश प्रदेश में अब तक 19 मामले आए हैं, जिनमें 6 मरीजों की जान गई है। वर्ष 2024 में 23 लोगों की मौत (80 संक्रमित) हुई थी, जबकि पिछले साल 141 मामलों में 41 मरीजों की मौत (मृत्यु दर 23%) दर्ज की गई थी। डब्ल्यूएचओ के अनुसार नेपाल की करीब 1.25 करोड़ आबादी इस बीमारी के उच्च जोखिम में है।
स्वास्थ्य अधिकारियों का विवरण
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार यह वायरस क्यूलेक्स मच्छर के जरिए संक्रमित सुअर और जलीय पक्षियों से इंसानों में फैलता है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक गंभीर मरीजों में मृत्यु दर 30% तक होती है और ठीक होने वाले एक-तिहाई मरीजों में जीवनभर के लिए विकलांगता का जोखिम रहता है।
बचाव के उपाय
जयमोद ठाकुर ने बताया कि जेई से बचाव का सबसे प्रभावी साधन इसका टीका है। बचाव के लिए अपने आसपास पानी जमा न होने दें, पूरी बांह के कपड़े पहनें और सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी, गर्दन अकड़ना या दौरे आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाएं।


