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15 गोलियां, निशाना सिर्फ एक...60 सेकेंड से भी कम समय में मीलों दूर से 'बंदूक' चलाकर हुई थी फखरीजादेह की हत्या

हिन्दुस्तान टीम,न्यूयॉर्कPublished By: Priyanka
Sun, 19 Sep 2021 11:48 AM
15 गोलियां, निशाना सिर्फ एक...60 सेकेंड से भी कम समय में मीलों दूर से 'बंदूक' चलाकर हुई थी फखरीजादेह की हत्या

नवंबर 2020 में ईरान के मुख्य परमाणु वैज्ञानिक मोहसिन फखरीजादेह की हत्या ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था। ईरान ने इस हत्या का आरोप अपने कट्टर दुश्मन इजरायल की खुफिया एजेंसी 'मोसाद' पर लगाया था। अब एक नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि मोहसिन फखरीजादेह की हत्या के लिए रिमोट कंट्रोल्ड मशीनगन का इस्तेमाल किया गया था, जिसे मीलों दूर से मोसाद ऑपरेट कर रहा था। बता दें पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, फखरीजादेह गुप्त रूप से चलाए जा रहे ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे थे। 

न्यूयॉर्क टाइम्स ने इस संबंध में एक रिपोर्ट छापी है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि इजरायल ने फखरीजादेह की हत्या के लिए जिस हथियार का इस्तेमाल किया वह बेल्जियम निर्मित FN MAG रोबोटिक मशीनगन थी, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस थी। इस पूरे हथियार का वजन करीब एक टन के आसपास था और इसे छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर ईरान लाया गया था। ईरान लाने के बाद इसे रिअसेंबल किया गया। 

रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे ऑपरेशन को मोसाद की टीम ईरान के बाहर से नियंत्रित कर रही थी। इस दावे की पुष्टि के लिए रिपोर्ट में ऑपरेशन से जुड़े दो खुफिया अधिकारियों के बयान को भी शामिल किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे साल 2007 से ही इजरायल फखरीजादेह की गतिविधियों पर नजर रखे हुए था और साल 2019 के आखिरी महीनों से ही हत्या की योजना बना रहा था। इस कड़ी में इजरायल के खुफिया अधिकारियों ने अमेरिका के तत्कालीन  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित कई शीर्ष नेताओं और अधिकारियों से मुलाकात की थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह तैयारियां 2020 की गर्मियों में तेजी से बढ़ीं और इजरायल ने फखरीजादेह की हत्या को अंजाम देने का फैसला किया। इजरायल के इस ऑपरेशन के पीछे दो बड़ी वजहें थीं। पहला, अपने टॉप जनरल कासिम सुलेमानी के अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे जाने के बाद ईरान की तीखी प्रतिक्रिया और दूसरा अमेरिकी चुनावों में ट्रंप के हारने की आशंका। इजरायल को यह अंदेशा हो चुका था कि ट्रंप के चुनाव हारने पर बाइडेन पद संभालेंगे, जिन्होंने पहले ही यह संकेत दे दिए थे कि वह ईरान के साथ न्यूक्लियर डील को फिर से शुरू करेंगे।

रिपोर्ट के मुताबिक, फखरीजादेह की हत्या के लिए मोसाद का कम्प्यूटराइज्ड हथियार एक लावारिस सी दिखने वाली गाड़ी में फिक्स किया गया। इस वाहन को इजरायली एजेंसी के साथ काम कर रहे ईरानी एजेंटों ने मेन रोड पर खड़ा किया, जहां से यू-टर्न लेना था। इस वाहन कैमरा और विस्फोटक से भरा हुआ था ताकि हमले के बाद वाहन को नष्ट किया जा सके।

जब टीम को फखरीजादेह के घर से निकलने की सूचना मिली, तभी स्किल्ड हमलावरों ने मशीनगन का ट्रिगर दबाया, लेकिन एक अज्ञात जगह से, जो ईरान से मीलों दूर थी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को इस तरह से प्रोग्राम किया गया था कि वह थोड़ी देरी, झटके और गाड़ी की स्पीड को भी आसानी से सह सके।

यू-टर्न पर जैसे ही फखरीजादेह की गाड़ी पहुंची, हमला शुरू हो गया। इसके बाद यह देखने के लिए कि क्या हुआ, मोहसिन गाड़ी के बाहर निकले थे लेकिन तभी उनपर भी तीन गोलियां चलीं और वह सड़क पर ही गिर पड़े। फखरीजादेह की पत्नी जैसे ही उन्हें देखने पहुंची तभी हमलावर वाहन में धमाका हुआ।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे हमले के दौरान कुल 15 गोलियां चलीं और 60 सेकंड से भी कम समय में इसे अंजाम दिया गया। खास बात यह है कि फखरीजादेह के अलावा हमले में किसी और को कोई नुकसान नहीं हुआ। 

ईरान के टॉप साइंटिस्ट मोहसिन फखरीजादेह की बीते साल 27 नवंबर को हत्या की गई थी। वह अपनी पत्नी के साथ एक बुलेटप्रूफ कार में सफर कर रहे थे। उनके साथ सुरक्षाकर्मियों की तीन गाड़ियां भी थी। तभी यह हमला हुआ। 

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