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Hindi News विदेशराफा में कत्लेआम की जिद पड़ रही भारी; अब इस मुस्लिम देश ने नेतन्याहू को धमकाया, अरेस्ट वारंट को भी समर्थन

राफा में कत्लेआम की जिद पड़ रही भारी; अब इस मुस्लिम देश ने नेतन्याहू को धमकाया, अरेस्ट वारंट को भी समर्थन

दक्षिणी गाजा के शहर राफा में कत्लेआम की जिद इजरायल पर लगातार भारी पड़ रही है। पहले अमेरिका ने हथियारों की सप्लाई रोककर चेतावनी दी। अब अरब देश मिस्र ने रिश्ता तोड़ने की धमकी दी है।

राफा में कत्लेआम की जिद पड़ रही भारी; अब इस मुस्लिम देश ने नेतन्याहू को धमकाया, अरेस्ट वारंट को भी समर्थन
Gaurav Kalaलाइव हिन्दुस्तान,काहिराMon, 13 May 2024 11:27 AM
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दक्षिणी गाजा के शहर राफा में इजरायल के ऑपरेशन की जिद उस पर लगातार भारी पड़ रही है। पहले अमेरिका ने हथियारों की सप्लाई रोककर चेतावनी दे दी तो फिर इराक के एक इस्लामिक संगठन ने इजरायल पर हवाई फायरिंग कर आईडीएफ को धमकाने की कोशिश की। अब अरब देश मिस्र ने इजरायल को 40 साल पुराना रिश्ता तोड़ने की धमकी दी है। मिस्र ने कहा है कि आईडीएफ का राफा में ऑपरेशन इजरायल को भारी पड़ सकता है। इसके अळावा रविवार को मिस्र ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में बेंजामिन नेतन्याहू के गिरफ्तारी वारंट वाले प्रस्ताव को भी अपना समर्थन दे दिया है। मिस्र ने माना कि इजरायल ने गाजा में जो नरसंहार कर रहा है, वह क्रूरता की हद है। 

राफा पर आईडीएफ का जमीनी अभियान कभी भी शुरू हो सकता है। इस बीच इजरायली सेना उत्तरी गाजा के शहरों पर लगातार बमबारी कर रही है। राफा पर नरसंहार का खतरा लगातार बढ़ रहा है। यहां अनुमान के मुताबिक, 1.6 मिलियन की आबादी है, जिनमें से लाखों लोग गाजा से आए वे लोग हैं, जो इजरायली सेना से अपनी जान बचाकर छिपे हुए हैं। अब उनके यहां से भी पलायन करने या मारे जाने का संकट है। राफा में अपने ऑपरेशन को लेकर इजरायल का तर्क है कि वह हमास के हर कण को खत्म करने तक अपना ऑपरेशन जारी रखेगा। इजरायल का मानना है कि राफा ही हमास की अब इकलौती जगह बची है। इजरायल को डर है कि अगर उसने हमास को अभी नहीं मारा तो यह उसके लिए खतरा हो सकता है। उसे हमास को पूर्ण खात्मे का इससे ज्यादा सुनहरा अवसर फिर नहीं मिलेगा। 

इस बीच मिस्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि काहिरा ने इज़राइल, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय सरकारों के साथ इजरायल के जमीनी ऑपरेशन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है। साथ ही चेतावनी दी कि इज़रायल के साथ उसकी शांति संधि खतरे में पड़ सकती है।

उसी समय काहिरा संवाददाता सम्मेलन में मिस्र के विदेश मंत्री समेह शौकरी ने कहा, "इज़रायल के साथ शांति समझौता 40 वर्षों से मिस्र की रणनीतिक पसंद रहा है। यह क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए बहुत जरूरी है। हालांकि इजरायल को भी ऐसे किसी भी कार्य को बढ़ावा नहीं देना चाहिए, जो आम लोगों के जीवन को खतरे में डाले।" इस बयान के बाद रविवार को मिस्र ने घोषणा की कि वह इज़रायल पर गाजा में नरसंहार का आरोप लगाते हुए अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में दक्षिण अफ्रीका के चल रहे मुकदमे का समर्थन करेगा। इस मुकदमे की कार्यवाही में अफ्रीका ने बेंजामिन नेतन्याहू के गिरफ्तारी वारंट तक का प्रस्ताव रखा है।

दक्षिण अफ्रीका के इस दावे की जांच करने के लिए नीदरलैंड के हेग में आईसीजे में कार्यवाही चल रही है। जांच इस बात को लेकर की जा रही है कि क्या 7 अक्टूबर को हमास के हमले के बाद इजरायली सेना गाजा में जो कर रही है, वह सिर्फ हमास के खिलाफ उसके ऑपरेशन का हिस्सा है या उसके हमले का मकसद आम फिलिस्तीनियों का नरसंहार करना भी है?