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हमास से युद्ध के बीच भारत समेत इन देशों से 70 हजार लोगों को लाएगा इजरायल, क्या है मकसद?

जानकारी के मुताबिक 7 अक्टूबर को हमास के हमले के बाद से ही इजरायल में निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप पड़े हुए हैं। इन निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए ही इजरायल यह कदम उठा रहा है।

हमास से युद्ध के बीच भारत समेत इन देशों से 70 हजार लोगों को लाएगा इजरायल, क्या है मकसद?
Deepakलाइव हिन्दुस्तान,यरुशलमMon, 01 Jan 2024 03:10 PM
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अपने यहां विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए इजरायल 70 हजार कामगारों को ले आएगा। यह कामगार और चीन समेत कुछ अन्य देशों से लाए जाएंगे। जानकारी के मुताबिक 7 अक्टूबर को हमास के हमले के बाद इजरायल में निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप पड़े हुए हैं। निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए ही इजरायल यह कदम उठा रहा है। सोमवार को स्थानीय अधिकारियों के हवाले से अखबारों ने यह खबर प्रकाशित की है। 

इन देशों से आएंगे मजदूर
मोर्गेंस्टर्न ने बताया कि इस सेक्टर में मैनपावर की भारी कमी है। यही वजह है कि इजरायल में बिल्डिंग निर्माण में लगने वाला समय बढ़ता जा रहा है। 2014 में जहां 27 महीने में एक इमारत तैयार हो जाती थी, वहीं, अब इसमें 30 से 34 महीने लग रहे हैं। मोर्गेंस्टर्न ने बताया कि करीब 20 हजार मजदूर दो बिना द्विपक्षीय समझौते के ही लाए जाएंगे। जिन देशों से मजदूर आएंगे, उनमें चीन, भारत, श्रीलंका और मालदीव शामिल हैं। उन्होंने बताया कि फर्स्ट क्वॉर्टर में ही करीब 10 हजार मजदूर आ जाएंगे। मोर्गेंस्टर्न के मुताबिक 80 हजार फिलीस्तीनी कामगारों के तो यहां पर लौटने के चांस नहीं हैं। हालांकि इस बीच मंत्रालय ने 10 हजार फिलीस्तीनीयों को इजरायली शहरों से बाहर कामकाज के लिए बुलाने पर सहमति दी है।

बढ़ाया जाएगा कोटा
कंस्ट्रक्शन एंड हाउसिंग मिनिस्ट्री के डायरेक्टर जनरल येहुदा मोर्गेंस्टर्न ने कैल्कालिस्ट फाइनेंशियल डेली को इस बारे में जानकारी दी है। इसके मुताबिक सरकार आने वाले दिनों में विदेशी निर्माण कर्मचारियों का कोटा 50 हजार से बढ़ाकर 70 हजार करने वाली है। नवंबर में यह कोटा 30 हजार से बढ़ाकर 50 हजार किया गया था। असल में हमास युद्ध के बाद से 80 हजार फिलिस्तीनी कंस्ट्रक्शन वर्कर्स के इजरायल में घुसने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके चलते यहां पर हाउसिंग सेक्टर मजदूरों की कमी से बुरी तरह से जूझ रहा है। 

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