ईरान ने खाड़ी क्षेत्र की बिजली गुल करने की धमकी दी
ईरान ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका उसके बिजली संयंत्रों पर हमला करता है तो वह पूरे खाड़ी क्षेत्र की बिजली व्यवस्था ठप कर देगा। इसके साथ ही ईरान के रक्षा मंत्री ने चेतावनी दी है कि ईरानी सशस्त्र बल किसी भी खतरे का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

रियाद, एजेंसी। ईरान ने पिछले सप्ताह खाड़ी देशों को चेतावनी दी थी कि यदि अमेरिका उसके बिजली संयंत्रों पर हमला करता है तो वह पूरे खाड़ी क्षेत्र की बिजली व्यवस्था ठप कर देगा। मीडिया रिपोर्ट में दो अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी गई है। अधिकारियों के अनुसार यह चेतावनी उस समय दी गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर बड़े सैन्य हमले की धमकी दी थी। हालांकि बाद में ट्रंप ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और कतर के अनुरोध तथा संभावित वार्ता में प्रगति की उम्मीद का हवाला देते हुए इस हमले की योजना टाल दी। खाड़ी क्षेत्र के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि ईरान ने संदेश भेजा कि यदि ट्रंप उसके बिजली संयंत्रों पर हमला करते हैं तो वह एक-एक कर पूरे खाड़ी क्षेत्र की बिजली गुल कर देगा। ईरान ने मध्यस्थों के जरिए संदेश दिया कि उसके बिजली संयंत्रों पर किसी भी हमले के जवाब में वह खाड़ी देशों में समान प्रकार के ठिकानों को निशाना बनाएगा। एक अधिकारी ने कहा कि ईरान पहले भी सार्वजनिक रूप से ऐसी धमकियां देता रहा है, लेकिन इस बार संदेश बहुत गंभीर था और इसमें संभावित लक्ष्यों की लंबी सूची भी शामिल थी.
ईरान किसी भी खतरे का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार
ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल माजिद इब्न-ए-रेजा ने गुरुवार को कहा कि ईरानी सशस्त्र बल किसी भी बाहरी खतरे का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उनकी सैन्य क्षमता देश के स्वदेशी रक्षा उद्योग पर आधारित है। माजिद इब्न-ए-रेजा ने सोशल मीडिया पर कहा कि हर दिन दुश्मन की शक्ति के कमजोर पड़ने के संकेत और स्पष्ट हो रहे हैं। हमारी सशस्त्र सेनाएं देश के रक्षा उद्योग के बल पर किसी भी खतरे का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
कुवैत ने ईरानी स्कूल बंद करने का आदेश दिया
पश्चिम एशिया युद्ध के दौरान ईरान के बार-बार हमलों का सामना करने के बाद कुवैत ने देश के एकमात्र ईरानी स्कूल को बंद करने का आदेश दिया है। यह जानकारी गुरुवार को शिक्षा मंत्रालय के एक सूत्र ने दी। सूत्र ने स्कूल बंद करने के फैसले का कोई कारण नहीं बताया। हालांकि युद्ध के दौरान अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी वाले खाड़ी देशों में कुवैत भी उन देशों में शामिल रहा, जिन्हें ईरान ने निशाना बनाया था। जून में हुए युद्धविराम के टूटने के बाद भी कुवैत पर हमले हुए थे।


