DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

ईरान ने ब्रिटिश जहाज को जब्त करने की कार्रवाई को बताया 'जैसे को तैसा' कदम

iran  reuters photo

ईरान की एक शक्तिशाली परिषद ने शनिवार को कहा कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हरमुज जलडमरूमध्य में उसके देश द्वारा ब्रिटिश तेल टैंकर को जब्त किया जाना दो हफ्ते पहले ब्रिटेन द्वारा एक ईरानी सुपरटैंकर को जब्त किये जाने की प्रतिक्रिया थी। वहीं ब्रिटेन ईरान द्वारा उसके टैंकर को जब्त करने के कदम से चिंतित हैं और उसने तेहरान को अवैध और अस्थिर बर्ताव वाला खतरनाक रास्ता चुनने के खिलाफ आगाह किया है। इस टैंकर के 23 सदस्यीय चालक दल में 18 भारतीय नागरिक हैं। 

इसबीच भारत ने 20 जुलाई को कहा कि वह हरमुज जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा ब्रिटिश झंडे वाले तेल टैंकर को पकड़े जाने के बाद उसमें सवार भारतीयों की सुरक्षित रिहाई और उन्हें स्वदेश भेजने के लिए ईरान के संपर्क में हैं। ईरान की गार्जियन काउंसिल के प्रवक्ता अब्बास अली कडखोदाई को उद्धृत करते हुए अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय कानून में जवाबी कार्रवाई का नियम सबको पता है और अवैध आर्थिक युद्ध का मुकाबला करना तथा तेल टैंकर को जब्त किया जाना इस नियम का एक उदाहरण है और यह अंतरराष्ट्रीय अधिकारों पर आधारित है।”

ईरान के तेल टैंकर पकड़े जाने से ब्रिटेन बेहद परेशान

परिषद सरकारी मामलों में बमुश्किल टिप्पणी करती है, लेकिन जब वह ऐसे करती है तो इसे सर्वोच्च नेता अयातोल्ला अल खमैनी के रुख के तौर पर देखा जाता है। यह इसलिये क्योंकि परिषद खमैनी के साथ बेहद नजदीकी से काम करती है जिनका कथन सभी सरकारी मामलों में अंतिम माना जाता है। ईरान की आधिकारिक समाचार समिति इरना ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि ईरान की मछली पकड़ने वाली नौका से कथित तौर पर टकराने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों का उल्लंघन करने के लिए ब्रिटेन का झंडा लगे तेल टैंकर को पकड़ा गया है।

इस बीच लंदन में एएफपी की खबर के मुताबिक विदेश विभाग ने वहां शनिवार (20 जुलाई) को ईरान के चार्ज डी अफेयर्स (प्रभारी राजदूत) को समन किया है। यूरोपीय शक्तियों ने ईरान से अनुरोध किया है कि वो स्टेना इम्पैरो नाम के ब्रिटिश जहाज को छोड़ दे। इससे पहले ब्रिटेन ने ईरान के इस कदम को “खतरनाक” करार दिया है।

ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेरेमी हंट ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे “अस्वीकार्य” बताया और कहा कि नौवहन की स्वतंत्रता बरकरार रखी जानी चाहिए। यह घटना ईरान के तेल सुपरटैंकर 'ग्रेस1 के स्पेन के तट में पकड़े जाने के बाद हुई है। हंट ने ट्वीट कर कहा,'' हमारी प्रतिक्रिया सुविचारित किंतु ठोस होगी। हम 'ग्रेस1 के मुद्दे को हल करने का तरीका ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं,लेकिन हम अपने पोत की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।"

ब्रिटेन की अपने जहाजों को सलाह, होरमुज जलसंधि से ना गुजरें

इस बीच ब्रिटेन ने शनिवार को अपने जहाजों को कुछ समय तक हरमुज जलसंधि से नहीं गुजरने की सलाह दी। ईरान द्वारा ब्रिटेन के झंडे वाले एक तेल टैंकर को जब्त करने के बाद यह सलाह दी गई है। सरकार की एक प्रवक्ता ने संकट पर चर्चा करने के लिए सरकार की कोबरा आपात समिति की रात भर चली बैठक के बाद कहा, ''हम ईरान की अस्वीकार्य हरकत को लेकर काफी चिंतित है। ईरान की यह कार्रवाई नौवहन की अंतरराष्ट्रीय स्वतंत्रता को स्पष्ट तौर पर चुनौती है।"

वहीं ब्रिटेन के सहयोगी देशों ने भी जहाज को जल्द छोड़ने की मांग करते हुए कहा कि ऐसा न होने पर खतरा बढ़ेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स द्वारा टैंकर जब्त किये जाने के मुद्दे पर ब्रिटेन से बात करेंगे। उन्होंने शुक्रवार को व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, “और यह सिर्फ वह दिखाता है जो मैं ईरान के बारे में कहता हूं: परेशानी। कुछ और नहीं सिर्फ परेशानी।”

जर्मनी और फ्रांस ने भी ईरान से एक दिन पहले हरमुज जलसंधि में जब्त किए ब्रिटेन के तेल टैंकर को फौरन रिहा करने की अपील की। जर्मनी और फ्रांस के विदेश मंत्रालयों ने एक बयान जारी कर यह बात कही। जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा कि ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने शुक्रवार को स्वीडन निर्मित ब्रिटेन के स्टेन इम्पेरो टैंकर को जब्त किया जाना खतरनाक है, जिससे पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति और बिगड़ेगी।

नयी दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ईरानी अधिकारियों द्वारा तेल टैंकर 'स्टेना इंपेरो' पर सवार भारतीय चालक दल को हिरासत में लिए जाने संबंधी सवाल के जवाब में कहा, “हम इस मामले में और विवरण ले रहे हैं। हमारा मिशन भारतीय नागरिकों की सुरक्षित रिहाई और उनकी वतन वापसी के लिए ईरान सरकार के संपर्क में है।”

टैंकर का स्वामित्व रखने वाली स्वीडन की कंपनी 'स्टेना बल्क' ने कहा कि वे हरमुज जलडमरूमध्य में जब्त किए गए जहाज से संपर्क करने में असमर्थ हैं। स्टेना बल्क के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी एरिक हनेल ने कहा,पोत में भारत ,रूस,लातिविया और फिलीपीन की नागरिकता वाले कुल 23 नाविक सवार हैं। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और चालक दल की सुरक्षा और उनका कल्याण हमारी प्राथमिकता है। 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Iran Says Its Seizure of British Ship A Reciprocal Move