ईरान बातचीत के पक्ष में, पर आत्मसमर्पण नहीं करेगा: पेजेशकियन
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि उनका देश कूटनीतिक बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन दबाव में आत्मसमर्पण नहीं करेगा। उन्होंने अमेरिका के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर करने का बचाव किया। विदेश मंत्री अराघची ने होर्मुज को खोलने के लिए अमेरिका से मुआवजे की मांग की।

तेहरान, एजेंसी। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि उनका देश अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए कूटनीतिक बातचीत के पक्ष में है, लेकिन उसे किसी भी दबाव में आत्मसमर्पण के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने अमेरिका के साथ बातचीत और युद्ध समाप्त करने के उद्देश्य से समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने के अपनी सरकार के फैसले का बचाव किया। पेजेशकियन ने शुक्रवार को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित एक साक्षात्कार में कहा कि ईरान समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करेगा, बशर्ते अमेरिका भी अपनी जिम्मेदारियां पूरी करे। उन्होंने कहा कि जहां अमेरिका अपनी प्रतिबद्धता पूरी करने में विफल रहेगा, वहां ईरान पर समझौते को जारी रखने की कोई बाध्यता नहीं होगी।
ईरानी राष्ट्रपति का इस्तीफा खारिज
ईरानी राष्ट्रपति ने इस सप्ताह उनके इस्तीफे को लेकर लगाई जा रही अटकलों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि वह दृढ़ता के साथ अपना काम जारी रखेंगे। इससे पहले ऐसी खबरें सामने आई थीं कि एमओयू को लेकर ईरान के सत्ता प्रतिष्ठान में मतभेद हैं।
होर्मुज खोलने के लिए अमेरिका को मुआवजा
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को कहा कि होर्मुज को दोबारा खोलना केवल ईरान और ओमान के बीच चल रही बातचीत पर निर्भर नहीं है। इसके लिए कुछ अन्य शर्तों को पूरा करना होगा और अमेरिका द्वारा समझौता ज्ञापन (एमओयू) के कथित उल्लंघन के लिए मुआवजा देना होगा।


