होर्मुज पर हमारी हुकूमत चलेगी: गलिबफ
ईरान ने होर्मुज जलमार्ग पर अपने नियंत्रण की पुष्टि की है। शांति समझौते की वार्ता के दौरान, ईरानी नेताओं ने कहा कि यह मार्ग युद्ध की स्थिति में नहीं जाएगा। ईरान ने कहा कि वह सुरक्षित पोत आवाजाही के लिए हॉटलाइन स्थापित करेगा। इसके साथ ही ईरान के राष्ट्रपति ने पाकिस्तान में वार्ताएँ की हैं।

अमेरिका- ईरान में शांति समझौते पर बातचीत के बीच ईरान ने कहा है कि होर्मुज पर उसकी हुकूमत चलेगी। ईरानी संसद के अध्यक्ष और समझौते के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गलिबफ ने मंगलवार को स्विट्जरलैंड से लौटने के बाद ईरानी मीडिया से ये बात कही। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने ये दावा किया है।
ईरान का नियंत्रण
ईरान के मुख्य वार्ताकार गलिबफ ने कहा स्पष्ट कहा कि रणनीतिक समुद्री मार्ग होर्मुज युद्ध से पहले की स्थिति में कभी नहीं आ सकता। ईरान जलमार्ग पर अपना पूरा नियंत्रण रखेगा और इसका संचालन अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार होगा। गलिबफ ने कहा कि ईरान होर्मुज में पोतों की सुरक्षित आवाजाही के लिए हॉटलाइन लगाने को तैयार है। इसका उद्देश्य समुद्री मार्ग से गुजरने वाले पोतों को लेकर किसी तरह की दुविधा और आशंका न रहे। होर्मुज से गुजर रहे पोत परेशानी की स्थिति में हॉटलाइन सेंटर पर फोन कर मदद पा सकते हैं। हॉटलाइन के उद्देश्य से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका को कोई आपत्ति है तो उसका समाधान हॉटलाइन जरिए किया जाएगा। इसके बाद किसी पोत को संचालन में दिक्कत है तो उसका निवारण होगा। इसमें रूट संबंधी दिक्कतों का भी समाधान शामिल है।
महत्वपूर्ण रिकॉर्ड
होर्मुज से गुजरने वाले पोत ने तोड़ा रिकॉर्ड। शांति- समझौते के बीच समुद्री मार्ग होर्मुज से गुजरने वाले पोतों ने सोमवार को रिकॉर्ड तोड़ दिया। ईरान जंग शुरू होने के बाद पहली बार 35 पोत मार्ग से गुजरे। पोतों की निगरानी करने वाली संस्था कैप्लर ने ये जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार सामान्य दिनों में इस मार्ग से औसतन 120 पोत गुजरते थे। 19 से 21 जून के बीच इस मार्ग से 71 पोत गुजर चुके हैं।
पाकिस्तान यात्रा
पाकिस्तान पहुंचे ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन मंगलवार को एक दिवसीय यात्रा पर पाकिस्तान पहुंचे। इस दौरान वे ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौते की सभी धाराओं और आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय बिंदुओं पर चर्चा करेंगे। पेजेशकियन प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के निमंत्रण पर राजकीय यात्रा कर रहे हैं।
परमाणु निरीक्षण विवाद
आईएईए को परमाणु केंद्रों के निरीक्षण की अनुमति नहीं: ईरान। तेहरान, एजेंसी। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने मंगलवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) द्वारा ईरान के परमाणु स्थलों के निरीक्षण की न तो कोई अनुमति दी गई है और न ही ऐसी कोई योजना है। मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए उन्होंने ये बात कही।
इस्माइल बाघेई ने स्पष्ट कहा कि आईएईए प्रमुख राफेल ग्रॉसी के साथ ईरान की कोई बैठक भी नहीं हुई है। इससे पहले अमेरिकी उप- राष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्विट्जरलैंड में समझौते पर बातचीत का जिक्र करते हुए कहा था कि ईरान के परमाणु संयंत्रों का आईएईए निरीक्षण करेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि 2025 में इजरायल के साथ 12 दिन तक चली जंग के दौरान आईएईए आया-गया लेकिन उसे परमाणु स्थलों का निरीक्षण करने की अनुमति नहीं दी गई थी जहां अमेरिका ने बम गिराए थे।
बातचीत का नया रास्ता
मध्यस्थों के माध्यम से संदेशों का आदान- प्रधान। बाघेई ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद ईरान शांति समझौते पर आगे नहीं बढ़ेगा। उन्होंने समझौते के बीच होने वाले ब्रेक के दौरान अमेरिकी अधिकारियों पर ईरान को धमकी देने का आरोप लगाया। इसी के बाद त्रिपक्षीय बैठक नहीं हुई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब संदेशों का आदान- प्रधान मध्यस्थों के माध्यम से होगा।
संपत्तियों का सही उपयोग
देश हित में होगा जब्त संपत्तियों का इस्तेमाल। विदेशों में जब्त ईरानी संपत्तियों के मसले पर उन्होंने कहा कि तेहरान ने जारी किए जा रहे फंड का प्रयोग करना शुरू कर दिया है। देश हित को ध्यान में रखकर इसका इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो संपत्ति अभी प्रतिबंधों से मुक्त हुई है उसका सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना पहली प्राथमिकता है।
रक्षा क्षमता पर स्थिति
रक्षा क्षमता के मसले पर कोई बातचीत नहीं होगी। बाघेई ने स्पष्ट कहा कि आगे की बैठकों में ईरान की रक्षा क्षमता पर कोई बातचीत नहीं होनी है। ईरान की रक्षा और मिसाइल क्षमता शांति समझौते में चर्चा का बिंदु नहीं है। इस बिंदु पर किसी भी पक्ष से कोई बातचीत नहीं होनी है। ईरान का रूख इस मामले में पूरी तरह से स्पष्ट है।
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